पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के भाई के घर ईडी का छापा
भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई
रायपुर। भारतमाला घोटाले की जांच की आंच अब रायपुर और अभनपुर से बढ़ कर करुद पहुंच गई है। आज अल सुबह ईडी की टीम ने धमतरी के कुरुद में भूपेंद्र चंद्राकर के यहां दबिश दी है। भूपेंद्र पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई हैं।
आज सुबह तीन गाडिय़ों में दर्जनभर से ज्यादा अधिकारी चंद्राकर के घर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। घर के बाहर सुरक्षा लगाई गई है। किसी भी बाहर या घर के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। ईडी और ईओडब्ल्यू को मिली शिकायत के अनुसार भूपेंद्र चंद्राकर पर सिर्फ अभनपुर ही नहीं बल्कि अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा पहुंचाने का आरोप है। इन आरोपों की शिकायत दस्तावेजों के साथ दी गई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार चंद्राकर ने अभनपुर के कायाबांधा में करोडों रुपए मुआवाजा पाया है। इसके अलावा दुर्ग तहसील, पाटन तहसील, राजनांदगांव के देवादा तहसील और मगरलोड तहसील में मुआवजा घोटाला में इनके करीबियों को करोड़ों रुपए मिले हैं।
इसके अलावा भारतमाला परियोजना घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन कारोबारी गोपाल गांधी समेत उनसे जुड़े लोगों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर ईडी ने आज छापा मारा है। प्रवर्तन निदेशालय के 13 अफसरों की बड़ी टीम छापामार कार्रवाई को अंजाम दे रही है। इस कड़ी में गोपाल गांधी के अभनपुर स्थित घर और उसके ऑफिस में छापा मारा गया है। ईडी की टीम अभी तक दस्तावेजों के साथ-साथ तमाम डिजिटल साक्ष्यों की तलाश कर रही है।
भारतमाला परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की धांधली का आरोप है।

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