बड़ी कार्रवाई: शराब घोटाले में CBI का कड़ा एक्शन; पूर्व अधिकारी की पत्नी पर भी कसा शिकंजा, 29 अफसर सस्पेंड

बड़ी कार्रवाई: शराब घोटाले में CBI का कड़ा एक्शन; पूर्व अधिकारी की पत्नी पर भी कसा शिकंजा, 29 अफसर सस्पेंड

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले (Liquor Scam) में एक बड़ी कानूनी कार्रवाई हुई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पूर्व आबकारी विशेष सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व एमडी अरुण पति त्रिपाठी (Arun Pati Tripathi) और उनकी पत्नी मंजुला त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets - DA) का पहला मामला दर्ज किया है।

इस मामले के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

शराब घोटाले की जांच में CBI ने त्रिपाठी और उनकी पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR (RC0592026A0007) दर्ज की है। यह CBI द्वारा इस घोटाले में दर्ज किया गया आय से अधिक संपत्ति का पहला मामला है। जांच के अनुसार, त्रिपाठी ने 2013 से 2023 के बीच अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की।

जांच में पाया गया कि त्रिपाठी दंपति ने अपनी वैध आय से 54.53% अधिक यानी लगभग 4.91 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की।

  • 2013 में संपत्ति: मात्र 38.08 लाख रुपये।

  • 2023 तक संपत्ति: बढ़कर 3.32 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।

  • असंगति: इस दौरान उनकी कुल आय 9 करोड़ रुपये दिखाई गई, जबकि उनका खर्च 10.97 करोड़ रुपये से अधिक था, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

इस घोटाले की आंच केवल बड़े अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने इस सिंडिकेट का हिस्सा रहे 29 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर अवैध शराब की बिक्री में मदद करने और सिंडिकेट को प्रशासनिक लाभ पहुँचाने के आरोप में चार्जशीट भी दाखिल की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और CBI की जांच के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 2019 से 2022 के बीच एक 'पैरेलल एक्साइज सिस्टम' चलाया गया:

  • सरकारी दुकानों से बिना हिसाब-किताब वाली शराब बेची गई।

  • नकली होलोग्राम का इस्तेमाल कर करोड़ों की टैक्स चोरी की गई।

  • शराब आपूर्तिकर्ताओं से अवैध कमीशन वसूला गया।

त्रिपाठी के अलावा, इस घोटाले में पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, निरंजन दास और पूर्व मंत्री कवासी लखमा जैसे बड़े नाम भी जांच के घेरे में हैं। CBI अब अन्य संदिग्ध अधिकारियों के खिलाफ भी इसी तरह के आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज करने की तैयारी में है।