विष्णु के सुशासन में नारी वंदन

विष्णु के सुशासन में नारी वंदन

गृह, पंचायत, फूड, आबकारी समेत कई विभागों में सचिव महिलाएं

33 में से 10 जिलों में अब लेडी कलेक्टर 

रायपुर। विष्णुदेव साय सरकार ने वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष के तौर पर घोषित किया है। जाहिर है, दिसंबर 2023 में राज्य में भाजपा की सरकार बनाने में महतारी वंदन योजना की बड़ी भूमिका रही। सरकार के गठन के तुरंत बाद इस योजना पर अमल प्रारंभ कर दिया गया था। इसके तहत 65 लाख से अधिक महिलाओं को हर साल एक हजार रुपए उनके खाते में ट्रांसफर किया जाता है।

बहरहाल, छत्तीसगढ़ सरकार ने आईएएस अधिकारियों के मेगा सर्जरी में कई महिला अफसरोंं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। कल शाम 42 आईएएस अधिकारी और एक आईएफएस अधिकारी का ट्रांसफर आर्डर निकाला गया। फेरबदल काफी चैंकाने वाला रहा। सरकार ने पूरी उठापटक कर मंत्रालय की टीम मजबूत कर ली है।

पहली बार गृह और नगरीय प्रशासन में महिला

इस प्रशासनिक फेरबदल में 1997 बैच की आईएएस अधिकारी निहारिका बारिक को प्रमुख सचिव गृह बनाया गया। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के 25 सालों में कभी महिला गृह सचिव नहीं रही। पहला मौका होगा, जब सरकार ने गृह जैसे चैलेंजिंग विभाग में किसी महिला आईएएस को सचिव बनाया है। इसी तरह नगरीय प्रशासन में पहली बार मारी शक्ति को प्राथमिकता दी गई। 2005 बैच की आईएएस अफसर शंगीता आर. को नगरीय प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में 94 बैच की आईएएस अधिकारी ऋचा शर्मा की पोस्टिंग की गई है। ऋर्चा मुख्य सचिव विकास शील की बैचमेट हैं। याने वे सीएस रैंक की अफसर हैं। पंचायत विभाग में हालांकि, इससे पहले निहारिका बारिक रही हैं। मगर वे प्रमुख सचिव थी। फिर ऋचा का प्रोफाइल काफी हाई है। वे काफी तेज-तर्रार अफसर मानी जाती हैं।

खाद्य और शराब में महिला

2003 बैच की आईएएस अधिकारी रीना बाबा कंगाले खाद्य विभाग की सचिव थी। उनके पास राजस्व भी था। सरकार ने राजस्व लेकर उन्हें आबकारी विभाग सौंप दिया है। याने रीना के पास अब फूूड और आबकारी दोनों होगा। राजस्व विभाग भले ही चमक-धमक वाला विभाग नहीं है मगर है काफी इम्पार्टेंट। पूरे जमीनों का हिसाब किताब के साथ उसकी निगरानी की जिम्मेदारी इसी विभाग के पास होतेी है। तहसीलदार, पटवारी इसी विभाग के अंतगर्त आते हैं। 2008 बैच की आईएएस शम्मी आबिदी को राजस्व सिकेट्री बनाया गया है। मंत्रालय से बाहर की बात करें तो हाल में गठित कर्मचारी भर्ती बोर्ड की फस्र्ट चेयरमैन नियुक्ति में भी सरकार ने महिला को वरीयता दी। सरकार ने सूबे के सबसे सीनियर और सबसे ईमानदार, तेज-तर्रार महिला अफसर को इस कुर्सी पर बिठाया है। 1991 बैच की आईएएस रेणु पिल्ले ने अपना कार्यभार संभाल लिया है।

दस जिलो में कलेक्टर मैडम

राज्य सरकार ने सात जिलों के कलेक्टरों का ट्रांसफर किया, उनमें पांच महिलाओं को कलेक्टरी की कुर्सी सौंपी। इनमें रेना जमील, चंदन त्रिपाठी, पुष्पा साहू, पदमिनी भोई, संतन देवी जांगड़े शामिल हैं। इनसे पहले पांच और महिलाएं विभिन्न जिलों में कलेक्टर हैं। याने कुल दस हुए। छत्तीसगढ़ में इतनी महिलाएं कलेक्टर कभी नहीं रहीं। अभी तक का छह कलेक्टरों का रिकार्ड रहा है। मगर इस बार ये संख्या दस पहुंच गई। 33 जिलों में से दस में महिला कलेक्टर याने लगभग 30 परसेंट महिला आरक्षण हो गया।

ये हैं महिला कलेक्टर (फोटो)

1. प्रतिष्ठा ममगई- बेमेतरा

2. नुपूर राशि पन्ना- कोंडागांव

3. नम्रता जैन- नारायणपुर

4. रेना जमील- सूरजपुर

5. चंदन त्रिपाठी- बलरामपुर

6. तुलिका प्रजापति- मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी 

7. दिव्या मिश्रा- बालोद

8. पुष्पा साहू- कोरिया

9. संतन देवी जांगड़े- एमसीबी

10. पदमिनी भोई- सारंगढ़