पोस्ट ऑफिस में नौकरी और फर्जी MBBS डिग्री का खेल: दिल्ली से मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 2.34 करोड़ की ठगी का हुआ खुलासा

पोस्ट ऑफिस में नौकरी और फर्जी MBBS डिग्री का खेल: दिल्ली से मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 2.34 करोड़ की ठगी का हुआ खुलासा

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके मास्टरमाइंड को दिल्ली के पालम इलाके से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और नामी मेडिकल संस्थानों की फर्जी MBBS व BAMS डिग्री देने के नाम पर लोगों को ठग रहा था। अब तक इस मामले में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह द्वारा करीब 2.34 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और अब तक 30 से अधिक लोगों को फर्जी मेडिकल डिग्री थमा चुका है। पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके नेटवर्क के आधार पर मुख्य आरोपी सुनील प्रताप (40 वर्ष), निवासी पालम कॉलोनी, नई दिल्ली, तक पुलिस पहुंची। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और कई फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

मामले की शुरुआत 17 फरवरी को हुई, जब पीड़ित संजय निराला ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे समेत अन्य लोगों ने उन्हें और उनके रिश्तेदारों को पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी सर्टिफिकेट देने का झांसा देकर 2 करोड़ 34 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी साक्षी सिंह से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए। पुलिस को इनपुट मिला कि वह दिल्ली में रह रही है, जिसके बाद टीम ने उसे पकड़कर पूछताछ की। साक्षी सिंह ने स्वीकार किया कि वह सुनील प्रताप के साथ मिलकर पुणे स्थित डी. वाई. पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी MBBS और BAMS डिग्री तैयार करती थी।

इसके बाद पुलिस ने सुनील प्रताप को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें वह इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड निकला। उसने खुलासा किया कि अब तक वह और उसके साथी देश के अलग-अलग राज्यों के करीब 30 लोगों को फर्जी MBBS डिग्री बेच चुके हैं।

फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।