कपड़े प्रेस करने वाले के नाम पर 598 करोड़ का ट्रांजेक्शन, इनकम टैक्स नोटिस से मचा हड़कंप 

कपड़े प्रेस करने वाले के नाम पर 598 करोड़ का ट्रांजेक्शन, इनकम टैक्स नोटिस से मचा हड़कंप 

अजमेर। राजस्थान के अजमेर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ प्रशासन बल्कि आम लोगों को भी चौंका दिया है। कपड़े प्रेस कर रोज़ी-रोटी चलाने वाले एक साधारण व्यक्ति के नाम पर करोड़ों रुपये का लेनदेन दिखाया गया और उसे इनकम टैक्स विभाग से 598 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का नोटिस थमा दिया गया।

रामनगर निवासी जितेंद्र बाड़ोलिया के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी। जैसे ही उन्हें अपने नाम पर इतने बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली, उनके होश उड़ गए। तनाव इतना बढ़ गया कि उनका शुगर लेवल 500 तक पहुंच गया और उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया।

खोए हुए PAN कार्ड से हुआ करोड़ों का खेल
जांच में सामने आया कि जितेंद्र का खोया हुआ PAN कार्ड इस पूरे फर्जीवाड़े की जड़ बना। उसी PAN के जरिए न सिर्फ बैंक खाता खोला गया, बल्कि GST नंबर भी जारी कराया गया और ‘मनन इंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्जी कंपनी तक रजिस्टर कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि महज तीन महीने के भीतर इस फर्जी कंपनी के जरिए करीब 600 करोड़ रुपये का लेनदेन कर दिया गया।

बैंकिंग सिस्टम और KYC पर उठे सवाल
इतने बड़े स्तर पर हुए फर्जी ट्रांजेक्शन ने बैंकिंग सिस्टम और KYC प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बिना उचित सत्यापन के इतनी बड़ी राशि का लेनदेन कैसे होता रहा, यह अब जांच का प्रमुख विषय बन गया है।

FIR दर्ज, नेटवर्क की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और पूरे गिरोह की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं, इनकम टैक्स विभाग ने संबंधित बैंक मैनेजर को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि इतने बड़े ट्रांजेक्शन के बावजूद कोई अलर्ट क्यों नहीं दिया गया।

गरीब के नाम पर करोड़ों का खेल
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक आम आदमी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बड़े स्तर पर वित्तीय घोटाले किए जा सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में किन-किन लोगों की संलिप्तता सामने आती है और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।