पंचांग ​​15 मार्च : रविवार को द्वादशी तिथि और श्रवण नक्षत्र का योग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्य पूजा का महत्व

पंचांग ​​15 मार्च : रविवार को द्वादशी तिथि और श्रवण नक्षत्र का योग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्य पूजा का महत्व

नई दिल्ली : आज 15 मार्च 2026, रविवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। रविवार का दिन साक्षात देव भगवान सूर्य को समर्पित होता है। आज के दिन सूर्य उपासना करने से मान-सम्मान, आरोग्य और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति का पूरा सटीक विवरण:

आज का पंचांग: मुख्य विवरण (15 मार्च 2026)

  • तिथि: द्वादशी (कृष्ण पक्ष) - शाम 07:18 PM तक, उसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ।

  • दिन: रविवार (Sunday)

  • मास: फाल्गुन

  • नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र - शाम 07:11 PM तक, उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र।

  • करण: तैतिल - सुबह 08:24 AM तक, उसके बाद गर।

  • योग: साध्य योग - सुबह 05:07 AM तक, उसके बाद शुभ योग।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय

  • सूर्योदय: सुबह 06:32 AM

  • सूर्यास्त: शाम 06:29 PM

  • चंद्रोदय: तड़के 04:45 AM (16 मार्च)

  • चंद्रास्त: दोपहर 01:50 PM

  • चंद्र राशि: मकर (पूरा दिन-रात)

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

शुभ कार्यों की शुरुआत और सफलता के लिए आज के श्रेष्ठ मुहूर्त:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 PM से 12:54 PM तक। (सर्वश्रेष्ठ समय)

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:17 PM तक।

  • अमृत काल: सुबह 08:31 AM से 10:03 AM तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 AM से 05:43 AM तक।

अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने और शुभ कार्य करने से बचना चाहिए:

  • राहुकाल: शाम 04:59 PM से 06:29 PM तक।

  • यमगण्ड: दोपहर 12:30 PM से 01:59 PM तक।

  • गुलिक काल: दोपहर 03:29 PM से 04:59 PM तक।

  • दुर्मुहूर्त: शाम 04:53 PM से 05:41 PM तक।

आज का विशेष योग और उपाय

आज चंद्रमा मकर राशि में है और श्रवण नक्षत्र का प्रभाव है। श्रवण नक्षत्र के स्वामी स्वयं चंद्र देव हैं, जबकि राशि के स्वामी शनि देव हैं।

  • विशेष उपाय: आज रविवार है, इसलिए तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें रोली, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें। इससे नौकरी और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

  • दिशाशूल: रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से दलिया या घी खाकर निकलें।