पंचांग 16 अप्रैल : जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज के विशेष ज्योतिषीय योग

पंचांग 16 अप्रैल : जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज के विशेष ज्योतिषीय योग

नई दिल्ली : हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की सटीक जानकारी प्राप्त करते हैं। 16 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत खास है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है।

आइए जानते हैं आज के पंचांग के मुख्य अंग और शुभ-अशुभ समय:

आज का मुख्य विवरण

  • तारीख: 16 अप्रैल 2026

  • दिन: गुरुवार (Thursday)

  • हिंदी महीना: वैशाख (Vaisakha)

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha)

  • विक्रम संवत: 2083

  • शक संवत: 1948

सूर्य और चंद्रमा की गणना

  • सूर्योदय: सुबह 05:54 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 06:47 बजे

  • चंद्रोदय: अगले दिन तड़के 04:42 बजे (17 अप्रैल)

  • चंद्रास्त: शाम 05:08 बजे

  • चंद्र राशि: कुंभ (Aquarius)

पंचांग के पांच अंग (Five Essentials)

  1. तिथि: आज चतुर्दशी तिथि है, जो शाम तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी।

  2. नक्षत्र: आज 'उत्तर भाद्रपद' नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो कार्य सिद्धि के लिए उत्तम माना जाता है।

  3. वार: गुरुवार (बृहस्पतिवार)।

  4. योग: आज 'व्याघात' योग के बाद 'हर्षण' योग बनेगा। हर्षण योग में किए गए कार्य खुशी प्रदान करते हैं।

  5. करण: आज 'शकुनि' और 'चतुष्पाद' करण रहेंगे।

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

यदि आप आज कोई नया काम, खरीदारी या निवेश करना चाहते हैं, तो इन समयों का लाभ उठा सकते हैं:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:55 बजे से 12:47 बजे तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है)।

  • अमृत काल: रात 10:15 बजे से 11:58 बजे तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:22 बजे तक।

अशुभ समय (Inauspicious Timings)

इन समयों में शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है:

  • राहुकाल: दोपहर 01:58 बजे से 03:35 बजे तक। (इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य न करें)।

  • यमगण्ड: सुबह 05:54 बजे से 07:31 बजे तक।

  • गुलिक काल: सुबह 09:07 बजे से 10:44 बजे तक।

आज का विशेष महत्व

आज गुरुवार का दिन होने के कारण  का महत्व बढ़ जाता है। आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। चूंकि कल वैशाख अमावस्या है, इसलिए पितृ तर्पण और शांति कार्यों के लिए भी आज शाम से समय अनुकूल हो जाएगा।

ज्योतिषीय उपाय: आज पीले फल, चने की दाल या केसर का दान करें। माथे पर हल्दी का तिलक लगाकर घर से निकलना आपके कार्यों में सफलता दिलाएगा।