पंचांग 13 फरवरी : आज है 'विजया एकादशी', जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और व्रत के विशेष नियम

पंचांग 13 फरवरी : आज है 'विजया एकादशी', जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और व्रत के विशेष नियम

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज 13 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे 'विजया एकादशी' के नाम से जाना जाता है। शास्त्रानुसार, जो भी व्यक्ति इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे अपने शत्रुओं और कठिन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त होती है।

आज की तिथि और नक्षत्र (Panchang Details)

  • तिथि: एकादशी दोपहर 01:22 बजे तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि का आगमन होगा।

  • नक्षत्र: आज मूल नक्षत्र शाम 04:55 बजे तक है, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा।

  • योग: आज वज्र योग दोपहर 12:44 बजे तक है, जिसके बाद सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। सिद्धि योग में किए गए कार्य सफल और शुभ फलदायी होते हैं।

  • करण: बालव और कौलव।

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: सुबह 07:01 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 06:10 बजे

  • चन्द्रोदय: सुबह 03:26 बजे (14 फरवरी की रात)

  • चन्द्रास्त: दोपहर 01:31 बजे

  • चंद्र राशि: चंद्रमा आज पूरे दिन और रात धनु राशि में विराजमान रहेंगे।

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

आज शुक्रवार के दिन पूजा और शुभ कार्यों के लिए ये समय सबसे श्रेष्ठ हैं:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 बजे से 03:11 बजे तक। (विजया एकादशी पर इस मुहूर्त का विशेष महत्व है)

  • अमृत काल: सुबह 10:48 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:20 बजे से 06:10 बजे तक।

सावधान: राहुकाल और अशुभ समय (Inauspicious Timings)

ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल के समय कोई भी महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्य शुरू नहीं करना चाहिए:

  • राहुकाल: सुबह 11:12 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक।

  • यमगण्ड: दोपहर 03:23 बजे से शाम 04:47 बजे तक।

  • गुलिक काल: सुबह 08:24 बजे से 09:48 बजे तक।

विशेष उपाय और सावधानी

  • दिशाशूल: शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा कष्टकारी हो सकती है। यदि जाना जरूरी है, तो घर से दही खाकर निकलें।

  • भोजन सावधानी: एकादशी तिथि के दिन चावल का सेवन पूरी तरह वर्जित है। आज के दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें।

  • लक्ष्मी प्राप्ति उपाय: चूंकि आज शुक्रवार भी है, इसलिए शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।