बिलासपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा में बड़ी सेंध: मस्तूरी गोलीकांड के आरोपियों ने जेल से बनाई 'डॉन' वाली रील, प्रबंधन में हड़कंप

बिलासपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा में बड़ी सेंध: मस्तूरी गोलीकांड के आरोपियों ने जेल से बनाई 'डॉन' वाली रील, प्रबंधन में हड़कंप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली बिलासपुर सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। मस्तूरी गोलीकांड के आरोपियों द्वारा जेल परिसर के भीतर से रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस वीडियो में जेल में बंद अपराधियों को किसी 'डॉन' और 'दबंग' की तरह पेश करने की कोशिश की गई है, जिसके बाद जेल की आंतरिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह पूरा मामला पांच महीने पुराने उस विवाद से जुड़ा है जिसमें कांग्रेस नेता और जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह पर उनके निजी कार्यालय में फायरिंग की गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत, उसके भाइयों और सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्तमान में ये सभी आरोपी सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं। वायरल वीडियो के संबंध में बताया जा रहा है कि आरोपियों से मुलाकात करने पहुंचे उनके साथियों ने मुलाकात कक्ष के बाहर से यह रील तैयार की और इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

इस रील के सार्वजनिक होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जेल के भीतर मोबाइल का पहुंचना या बाहरी व्यक्तियों द्वारा वीडियो रिकॉर्ड करना जेल मैन्युअल का सीधा उल्लंघन है। घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए जेल अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से संबंधित आरोपियों की मुलाकात पर अनिश्चितकालीन रोक लगा दी है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले मुलाकात कक्ष के स्टाफ को वहां से हटा दिया गया है। जेल प्रबंधन ने रील बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले बाहरी युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के लिए अब जेल में मुलाकात के लिए आने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से गहन जांच करने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि बिलासपुर सेंट्रल जेल पहले भी नशाखोरी, गैंगवार और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों को लेकर चर्चा में रही है। इस ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखने की दिशा में अभी कई सुधारों की आवश्यकता है। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद बाहरी लोग कैमरा या मोबाइल फोन अंदर ले जाने में कैसे सफल रहे।