बस्तर में शिकारियों ने बनाया रील, तब हुआ 9 दुर्लभ गिलहरियों के शिकार का खुलासा

बस्तर में शिकारियों ने बनाया रील, तब हुआ 9 दुर्लभ गिलहरियों के शिकार का खुलासा

दंतेवाड़ा। नक्सल प्रभाव कम होने के बाद बस्तर के जंगलों में वन्यजीवों के शिकार की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। हाल ही में बारसूर क्षेत्र में दुर्लभ भारतीय विशाल गिलहरियों (मालाबार जायंट स्क्विरल) के शिकार का मामला सामने आया है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

इस घटना का खुलासा तब हुआ जब इंस्टाग्राम पर वायरल एक वीडियो में दो युवक नौ मृत गिलहरियों के साथ नजर आए। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है, जिसे सर्वोच्च सुरक्षा प्राप्त है।

वीडियो के आधार पर जांच करते हुए वन विभाग ने 8 अप्रैल को मुख्य आरोपी बंशीराम कोवासी को गिरफ्तार किया। उसके घर से स्लॉथ भालू की खाल और शिकार में उपयोग होने वाले फंदे भी बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिकार बुश मीट के लिए किया गया था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 11 ग्रामीणों ने मिलकर घेराबंदी कर गुलेल से गिलहरियों का शिकार किया और बाद में उनका मांस खाया। मामले में अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।