दिशा दर्शन भ्रमण से महिलाओं को मिला स्वरोजगार का मार्ग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
रायपुर। Lakshmi Rajwade की पहल पर संचालित “दिशा दर्शन भ्रमण” योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का व्यावहारिक मॉडल बनती जा रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले की 51 महिलाएं, जो विभिन्न स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं, अध्ययन भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचीं।
भ्रमण के दौरान महिलाओं ने रायपुर-खरोरा स्थित सोया प्रोसेसिंग प्लांट का अवलोकन किया, जहां उन्हें उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इस अनुभव ने उनमें स्वरोजगार के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाया और कई महिलाओं ने अपने क्षेत्र में लघु उद्योग स्थापित करने की इच्छा जताई।
मंत्री ने स्वयं प्लांट परिसर में पहुंचकर महिलाओं से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, और ऐसे भ्रमण कार्यक्रम उन्हें सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि व्यावहारिक समझ देते हैं जो असली फर्क पैदा करती है।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाए।
मंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं हैं वे अब उद्यमिता और नेतृत्व के केंद्र बन रहे हैं। अगर इन समूहों को सही दिशा और संसाधन मिले, तो ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि “दिशा दर्शन भ्रमण” जैसी योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब महिलाएं सिर्फ सीखकर वापस न जाएं, बल्कि वास्तव में अपना काम शुरू करें और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनें।

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