खाड़ी में टकराव का खतरा: ईरान की सख्त चेतावनी, अमेरिका की नाकाबंदी तैयारी से बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में हालात तेजी से बदल रहे हैं। ईरान ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर का कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा।
ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ किया कि समुद्री सुरक्षा किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की साझा जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि “अगर सुरक्षा सबके लिए नहीं होगी, तो किसी के लिए भी नहीं बचेगी।”
इधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने संकेत दिए हैं कि सोमवार से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर नाकाबंदी (ब्लॉकेड) लागू की जा सकती है। इस कदम के तहत ईरान आने-जाने वाले जहाजों की सख्त निगरानी होगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोका भी जा सकता है।
हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वे जहाज जो अन्य देशों के बीच सफर कर रहे हैं, उन्हें फिलहाल छूट मिलने की बात कही गई है।
चीन को कड़ी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन को आगाह किया है कि यदि उसने ईरान को सैन्य सहायता दी, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगा सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर नजर
अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में सख्त निगरानी और संभावित नाकाबंदी की तैयारी में है, खासकर उन जहाजों पर जो ईरान को भुगतान करते हैं।
अल अक्सा विवाद
इजराइल के मंत्री बेन गविर के अल अक्सा मस्जिद दौरे को लेकर जॉर्डन ने तीखा विरोध जताया है और इसे उकसाने वाला कदम बताया है।
टोल विवाद गरमाया
ईरान का दावा है कि होर्मुज स्ट्रेट उसके नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना होगा।
जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी
ईरान में करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर अमेरिका और इजराइल को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है।
कुल मिलाकर, खाड़ी क्षेत्र में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है, जहां एक छोटी चिंगारी भी बड़े टकराव का रूप ले सकती है।

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