20 अप्रैल को ही करें अक्षय तृतीया का व्रत और दान : इंदुभवानंद महाराज
अक्षय तृतीया तिथि का संशय खत्म
रायपुर। अक्षय तृतीया को लेकर इस वर्ष तिथि के संशय की स्थिति बनी है। इस संशय को दूर करते हुए रायपुर बोरियाकला स्थित श्री शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख दंडी स्वामी डॉक्टर इंदुभवानंद महाराज ने कहा कि इस साल अक्षय तृतीया का व्रत और दान 20 अप्रैल सोमवार को ही करना शास्त्र सम्मत माना गया है।
ज्योतिष गणना के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल रविवार को दोपहर 1:01 बजे शुरू होकर अगले दिन 20 अप्रैल सोमवार को सुबह 10:40 बजे तक रहेगी। चूंकि तृतीया तिथि दो दिनों तक व्याप्त है, इसलिए धर्मग्रंथों के नियमों के अनुसार दूसरे दिन (सोमवार) को ही व्रत-पूजन करना श्रेष्ठ माना गया है।
धर्मशास्त्र निर्णय सिंधु में भी स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि जब कोई तिथि दो दिन तक रहे, तो द्वितीय दिवस को ग्रहण करना चाहिए। इसी आधार पर 20 अप्रैल को ही अक्षय तृतीया मनाना उचित रहेगा।

इस बार बन रहा दुर्लभ योग
इस वर्ष अक्षय तृतीया पर विशेष संयोग बन रहा है। यह पर्व सोमवार को पड़ रहा है और साथ में रोहिणी नक्षत्र का योग भी बन रहा है। शास्त्रों के अनुसार, जब अक्षय तृतीया रोहिणी नक्षत्र के साथ सोमवार या दान-पुण्य का विशेष महत्वबुधवार को आए, तो इसे अत्यंत दुर्लभ और फलदायी माना जाता है।
अक्षय तृतीया को दान का पर्व भी कहा जाता है। इस दिन किए गए पुण्य कार्य अक्षय (कभी समाप्त न होने वाले) फल देते हैं। मान्यता है कि जल से भरा घड़ा दान करना अत्यंत शुभ होता है। अन्न, वस्त्र या रत्न का दान भी फलदायी माना गया है।
जल दान करने वाले व्यक्ति और उसके परिवार को शिवलोक की प्राप्ति होती है।
क्या करें इस दिन
व्रत रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। गरीबों और जरुरतमंदों को दान दें। जल से भरे पात्र का दान विशेष फलदायी माना गया है

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