90 सेकंड की लाइफलाइन ईरानी मिसाइल चलते ही इजरायर्यालयों को ऐसे मिलता है रेड अलर्ट

90 सेकंड की लाइफलाइन ईरानी मिसाइल चलते ही इजरायर्यालयों को ऐसे मिलता है रेड अलर्ट

नई दिल्ली। इजरायल में मिसाइल हमलों के दौरान सबसे ज्यादा जानें बचाने वाला सिस्टम आयरन डोम नहीं, बल्कि उसका मिसाइल वार्निंग सिस्टम है. इस सिस्टम का ऑफिशियल नाम होम फंट कमांड अलर्ट सिस्टम है।

आयरन डोम मिसाइलों को हवा में ही रोकता है, लेकिन यह वार्निंग सिस्टम लोगों को सेकेंडों में अलर्ट करके उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचने का मौका देता है. कई एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह सिस्टम आयरन डोम से भी ज्यादा जानें बचा रहा है क्योंकि समय पर चेतावनी मिलने से लोग तुरंत शेल्टर में पहुंच जाते हैं.

जब ईरान या हिजबुल्लाह से मिसाइल दागी जाती है, तो इजरायल का रडार नेटवर्क (जिसमें श्वरुरू 2084 जैसे एडवांस्ड रडार शामिल हैं) मिसाइल को लॉन्च होते ही पकड़ लेता है. रडार मिसाइल की गति, दिशा और लक्ष्य की गणना करता है. फिर बैटल मैनेजमेंट सेंटर तय करता है कि मिसाइल किस इलाके में गिरने वाली है. अगर वह आबादी वाले इलाके की तरफ जा रही है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। आयरन डोम मिसाइलों को हवा में रोकता है, लेकिन हर मिसाइल को नहीं पकड़ पाता. जब सैकड़ों मिसाइलें एक साथ आती है, तो कुछ बच जाती हैं.

लेकिन वार्निंग सिस्टम हर मिसाइल के लिए अलर्ट देता है. इससे लोग समय पर छिप जाते हैं और जानें बच जाती हैं। इजरायल में सालों से चल रहे प्रशिक्षण की वजह से लोग 15 सेकंड में भी सुरक्षित जगह पहुंच जाते हैं. कई विशेषज्ञ कहते हैं कि यह अलर्ट सिस्टम इजरायल की सबसे बड़ी जिंदगी बचाने वाली व्यवस्था है.

ईरान युद्ध 2026 में जब ईरान ने तेल अवीव और अन्य शहरों पर मिसाइलें दागीं, तो इस वार्निंग सिस्टम ने लाखों लोगों को सेकेंडों में अलर्ट कर दिया. कई जगहों पर लोग 90 सेकंड पहले ही शेल्टर में पहुंच गए, जिससे जानों की भारी बचत हुई. बिना इस सिस्टम के नुकसान बहुत ज्यादा होता. यह सिस्टम दिखाता है कि आधुनिक युद्ध में समय पर चेतावनी कितनी जानें बचा सकती है।