जेडी वेंस की इस्लामाबाद में 21 घंटे की 'मैराथन' बैठक रही बेनतीजा : ईरान के साथ शांति वार्ता विफल, अब ट्रंप क्या करेंगे?
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इस्लामाबाद/वॉशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई हाई-प्रोफाइल शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है। 21 घंटे की इस यात्रा के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच गहरे मतभेद सुलझ नहीं सके। बंद कमरों में हुई 16 घंटों की मैराथन बैठकों के बाद जब वेंस मीडिया के सामने आए, तो उनके चेहरे पर छाई मायूसी ने बातचीत की विफलता की कहानी खुद बयां कर दी।
इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन की मुख्य बातें और 'इनसाइड डिटेल्स' यहाँ दी गई हैं:
1. 21 घंटों का घटनाक्रम और कड़ी सुरक्षा
जेडी वेंस की इस यात्रा को बेहद गोपनीय और सुरक्षित रखा गया था।
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कड़ी निगरानी: उपराष्ट्रपति के इस्लामाबाद पहुंचने से लेकर नूर खान एयरबेस छोड़ने तक उनकी गतिविधियों पर व्हाइट हाउस की सीधी नजर थी।
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गोपनीयता: जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ईरानियों और पाकिस्तानियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर रहा था, तब किसी भी पत्रकार को कमरे में जाने की अनुमति नहीं थी। यहाँ तक कि उनकी गतिविधियों को तब तक सार्वजनिक नहीं किया गया जब तक वह सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच गए।
2. 'बुरी खबर': वार्ता क्यों हुई विफल?
जेडी वेंस ने इस वार्ता की विफलता को वैश्विक शांति के लिए 'बुरी खबर' बताया है।
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परमाणु मुद्दा: अमेरिका चाहता था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता जताए, लेकिन ईरान ने इससे साफ इनकार कर दिया।
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दोषारोपण: वेंस ने वार्ता की विफलता के लिए सीधे तौर पर ईरान के अड़ियल रुख को जिम्मेदार ठहराया है।
3. 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर बढ़ता संकट
शांति वार्ता विफल होने के तुरंत बाद अमेरिका ने आक्रामक रुख अपना लिया है।
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जहाजों की नाकेबंदी: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ऐलान किया है कि सोमवार (13 अप्रैल) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाजों की नाकेबंदी की जाएगी।
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तेल की कीमतों में उछाल: शांति वार्ता फेल होने और नाकेबंदी के डर से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है।
4. डोमेस्टिक राजनीति और 'वेंस' का असाइनमेंट
यह दौरा जेडी वेंस के कार्यकाल का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक असाइनमेंट माना जा रहा था। व्हाइट हाउस को उम्मीद थी कि मध्यावधि चुनावों से पहले इस सफल शांति समझौते का फायदा रिपब्लिकन पार्टी को मिलेगा, लेकिन अब स्थिति इसके उलट हो गई है।
5. बेंजामिन नेतन्याहू का रुख
एक तरफ जहाँ इस्लामाबाद में बातचीत चल रही थी, वहीं दूसरी ओर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर लेबनान सीमा पर पहुंचे और स्पष्ट कर दिया कि "युद्ध जारी है" और फिलहाल किसी भी तरह का सीजफायर नहीं होगा।

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