पंचांग 12 अप्रैल : रविवार को दशमी तिथि और रवि योग का संयोग; जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष उपाय
नई दिल्ली : आज 12 अप्रैल 2026, रविवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। रविवार का दिन साक्षात् देवता भगवान सूर्य नारायण को समर्पित है। आज 'रवि योग' का निर्माण हो रहा है, जो सभी प्रकार के दोषों को दूर करने और कार्यों में सिद्धि दिलाने वाला माना जाता है।
पंचांग की गणना के अनुसार आज के सूर्योदय, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति का विवरण इस प्रकार है:
आज का पंचांग: मुख्य विवरण (12 अप्रैल 2026)
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तिथि: दशमी - दोपहर 12:44 PM तक, उसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ।
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दिन: रविवार (Sunday)
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मास: वैशाख (पूर्णिमांत), चैत्र (अमांत) - विक्रम संवत 2083
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नक्षत्र: शतभिषा - दोपहर 04:08 PM तक, उसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र।
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करण: विष्टि (भद्रा) - दोपहर 12:44 PM तक, बव - रात 01:54 AM (13 अप्रैल) तक, फिर बालव।
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योग: आयुष्मान - शाम 06:33 PM तक, उसके बाद सौभाग्य योग।
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति
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सूर्योदय: सुबह 06:01 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:44 PM
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चंद्रोदय: रात 02:18 AM (13 अप्रैल)
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चन्द्रास्त: दोपहर 02:38 PM
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चंद्र राशि: कुंभ राशि (पूरा दिन-रात)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज 'रवि योग' होने के कारण दिन का काफी हिस्सा शुभ है, लेकिन विशेष मुहूर्त इस प्रकार हैं:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 AM से 12:48 PM तक। (नए कार्य शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 PM से 03:21 PM तक।
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अमृत काल: सुबह 08:52 AM से 10:35 AM तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:29 AM से 05:15 AM तक।
अशुभ समय: राहुकाल और भद्रा (Inauspicious Timings)
इस दौरान शुभ कार्यों और महत्वपूर्ण समझौतों से बचना चाहिए:
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राहुकाल: शाम 05:08 PM से 06:44 PM तक।
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यमगण्ड: दोपहर 12:22 PM से 01:58 PM तक।
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गुलिक काल: दोपहर 03:33 PM से 05:08 PM तक।
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भद्रा: दोपहर 12:44 PM तक (भद्रा के दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं)।
रविवार का विशेष महत्व और सूर्य उपासना
आज सूर्य देव की उपासना का विशेष दिन है। चूँकि चंद्रमा कुंभ राशि में है और शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव है, इसलिए आज के दिन निम्नलिखित उपाय करना शुभ रहेगा:
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सूर्य अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, लाल चंदन और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
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आदित्य हृदय स्तोत्र: शत्रुओं पर विजय और आत्मविश्वास की वृद्धि के लिए आज इस स्तोत्र का पाठ करें।
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दान: आज के दिन तांबा, गुड़, गेहूं या लाल वस्त्र का दान करना कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत बनाता है।
ग्रह गोचर का प्रभाव
आज चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेंगे। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं और कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं। यह स्थिति तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों और दार्शनिक कार्यों के लिए अनुकूल है। हालांकि, राहु के नक्षत्र के कारण आज किसी भी बड़े आर्थिक निवेश से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लेना बेहतर होगा।

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