अप्रैल के पहले 22 दिन में गटक गए साढ़े आठ अरब की दारू

अप्रैल के पहले 22 दिन में गटक गए साढ़े आठ अरब की दारू

- प्रदेश में एक दिन में बिक गई 41 करोड़ की शराब
- टेंपरेचर के साथ बढ़ी मदिरा की खपत 

रायपुर। प्रदेश में सूरज की तपिश जैसे-जैसे बढ़ रही है, मदिरा प्रेमियों की प्यास भी उसी रफ्तार से परवान चढ़ रही है। हाल ही में जारी तुलनात्मक बिक्री रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। दिलचस्प बात यह है कि, इस अप्रैल के शुरुआती 22 दिनों में ही प्रदेश के गले से आठ अरब 66 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब उतर चुकी है। बीते 22 अप्रैल को पूरे प्रदेश में जाम से जाम इस कदर टकराए कि केवल एक ही दिन में 41 करोड़ 75 लाख रुपये से ज्यादा की शराब की बिक्री हो गई।

एक अप्रैल से शराब कारोबार का नया वित्तीय वर्ष शुरू हुआ है, दुकानों में कई नए ब्रांड भी उतारे गए हैं, लेकिन उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि राज्य में नए और पुराने दोनों तरह के ब्रांड की जबरदस्त मांग बनी हुई है। हाल यह है कि, पिछले 22 अप्रैल 2025, एक ही दिन में शराब खपत का आंकड़ा करीब 33.86 करोड़ था, वहीं इस वर्ष 22 अप्रैल को एक ही दिन में 41 करोड़ 75 लाख रुपए की शराब बिक्री का रिकार्ड बना है। यानी इस बार एक ही दिन में बिक्री में 23.3 प्रतिशत का भारी उछाल आया है।

छोटे जिलों की बिक्री ने चौंकाया
बिक्री के इन आंकड़ों में राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों का दबदबा तो पहले की तरह बरकरार है, लेकिन छोटे जिले भी चौंका रहे हैं। बड़े शहरों में रुटीन के हिसाब से जाम छलके, वहीं कोरिया और सूरजपुर जैसे जिलों में तो मानों मदिरा प्रेमियों ने रिकार्ड तोड़ अभियान छेड़ रखा है। इन जिलों में पिछले साल के मुकाबले हुई बढ़ोतरी बताती है कि, अब छोटे शहरों के शौकीन भी किसी से पीछे नहीं रहने वाले हैं। नारायणपुर और बीजापुर जैसे इलाकों में इस बार शौकीन थोड़े शांत दिखे, जहां बिक्री में पिछले साल के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। खास बात ये है कि राज्य के छोटे और दूरस्थ माने जाने वाले जिलों में इस भीषण गर्मी में भी पियक्कड़ जमकर जाम छलका रहे हैं।