क्यों होता है कमर के निचले हिस्से में दर्द? जानें इसके पीछे छिपे ये गंभीर कारण और बचाव के तरीके

क्यों होता है कमर के निचले हिस्से में दर्द? जानें इसके पीछे छिपे ये गंभीर कारण और बचाव के तरीके

नई दिल्ली। आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और गलत लाइफस्टाइल के कारण कमर दर्द (Back Pain) एक आम समस्या बन गई है। बहुत से लोग इसे केवल मांसपेशियों में खिंचाव मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे कई गंभीर मेडिकल कारण हो सकते हैं। सही समय पर वजह जानना इलाज को आसान बना सकता है।

यहाँ कमर के निचले हिस्से में दर्द के कुछ प्रमुख कारण दिए गए हैं:

1. डिस्क से जुड़ी समस्याएं

रीढ़ की हड्डी के वर्टिब्रा के बीच मौजूद डिस्क 'शॉक एब्जॉर्बर' का काम करती हैं।

  • हर्नियेटेड डिस्क: जब डिस्क डैमेज हो जाती है, तो नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे दर्द पैरों तक जा सकता है (जिसे साइटिका कहते हैं)।

  • डीजेनेरेटिव डिस्क डिज़ीज़: उम्र के साथ डिस्क के पतले होने से पुराना और गहरा दर्द शुरू हो जाता है।

2. स्पाइनल फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस

हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस) के कारण रीढ़ में छोटे-छोटे फ्रैक्चर हो सकते हैं, जिससे तेज दर्द होता है। एक्सीडेंट, गिरने या भारी सामान उठाने से भी अचानक स्पाइनल फ्रैक्चर का खतरा रहता है।

3. रीढ़ की बनावट में बदलाव

  • स्पाइनल स्टेनोसिस: इसमें स्पाइनल कैनाल संकुचित हो जाती है, जिससे नसों पर दबाव बढ़ता है।

  • स्कोलियोसिस: रीढ़ की हड्डी का असामान्य मोड़ भी दर्द का कारण बनता है। यह अक्सर गलत तरीके से बैठने और बढ़ते वजन के कारण अधिक परेशान करता है।

4. गठिया (Arthritis)

ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण कार्टिलेज को नुकसान पहुंचता है, जिससे कमर में अकड़न और दर्द महसूस होता है। 'एंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस' जैसी बीमारियां रीढ़ की हड्डी को पूरी तरह सख्त कर सकती हैं।

5. अन्य गंभीर कारण

  • किडनी स्टोन: गुर्दे की पथरी का दर्द भी अक्सर पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर पेट या जांघों तक फैलता है।

  • इन्फेक्शन और ट्यूमर: रीढ़ की हड्डी में इन्फेक्शन या कैंसर वाले ट्यूमर भी असहनीय दर्द पैदा कर सकते हैं।

  • एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म: यह पेट की मुख्य रक्त वाहिका के फूलने के कारण होता है, जो कि एक जानलेवा स्थिति हो सकती है।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि आपका कमर दर्द लंबे समय तक बना रहे, रात में बढ़ जाए, या दर्द के साथ बुखार, पैरों में कमजोरी और पेशाब में खून जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।