पंचांग 16 मार्च : सोमवार को 'सोम प्रदोष व्रत' का शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और शिव पूजा का महत्व
नई दिल्ली: आज 16 मार्च 2026, सोमवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। सोमवार और त्रयोदशी के मेल से आज 'सोम प्रदोष व्रत' का अत्यंत फलदायी संयोग बन रहा है। भगवान शिव को समर्पित यह दिन कष्टों के निवारण और मनोकामना पूर्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय का सटीक विवरण:
आज का पंचांग: मुख्य विवरण (16 मार्च 2026)
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तिथि: त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष) - शाम 05:01 PM तक, उसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ।
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दिन: सोमवार (Monday)
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मास: फाल्गुन
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नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र - शाम 06:14 PM तक, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र।
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करण: गर - सुबह 06:11 AM तक, उसके बाद वणिज।
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योग: शुभ योग - सुबह 02:18 AM तक (17 मार्च), उसके बाद शुक्ल योग।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
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सूर्योदय: सुबह 06:31 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:29 PM
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चंद्रोदय: सुबह 05:25 AM (17 मार्च)
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चंद्रास्त: दोपहर 02:51 PM
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चंद्र राशि: कुंभ (पूरा दिन-रात)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज के दिन शुभ कार्यों और भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए श्रेष्ठ समय:
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प्रदोष काल पूजा मुहूर्त: शाम 06:29 PM से रात 08:52 PM तक। (शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम)
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 PM से 12:54 PM तक।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:17 PM तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:53 AM से 05:42 AM तक।
अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण आर्थिक लेन-देन और नए कार्यों से बचना चाहिए:
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राहुकाल: सुबह 08:01 AM से 09:31 AM तक।
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यमगण्ड: सुबह 11:00 AM से दोपहर 12:30 PM तक।
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गुलिक काल: दोपहर 01:59 PM से 03:29 PM तक।
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दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:54 PM से 01:42 PM तक, फिर दोपहर 03:17 PM से 04:05 PM तक।
आज का विशेष महत्व और उपाय
आज सोम प्रदोष होने के कारण शिव भक्ति का अनंत फल प्राप्त होता है। चंद्रमा आज कुंभ राशि में और धनिष्ठा नक्षत्र में रहेगा।
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विशेष उपाय: आज शाम के समय शिवालय जाकर शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) चढ़ाएं और बेलपत्र अर्पित करें। "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते हुए शिव चालीसा का पाठ करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं।
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दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से दर्पण (शीशा) देखकर या दूध पीकर निकलें।

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