बस्तर से एक साल में धीरे-धीरे हटेगी फोर्स, कैंपों में खोले जाएंगे स्कूल-अस्पताल 

बस्तर से एक साल में धीरे-धीरे हटेगी फोर्स, कैंपों में खोले जाएंगे स्कूल-अस्पताल 

- शुरुआत शहीद गुंडाधुर के गांव नेतानार से
- अमित शाह आज से तीन दिन रायपुर-बस्तर में

रायपुर। नक्सलियों के खौफ को खत्म करने के लिए बनाए गए सीआरपीएफ कैंप अब जनता को समर्पित हो जाएंगे। इसकी शुरुआत 18 मई से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शहीद वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से करने जा रहे हैं। अभी यहां बने आधे कैंप में केंद्र और आधे में फोर्स रहेगी। बाद में यह फोर्स भी हटाकर पूरी इमारत केंद्र के तौर पर विकसित हो जाएगी।

इसके बाद बस्तर में बने 400 कैंप धीरे-धीरे सुविधा केंद्र या स्कूल या अस्पताल या आंगनबाड़ी या वनोपज संग्रहण केंद्र में बदल जाएगा। इसमें लगी हुई फोर्स भी एक साल में धीरे-धीरे हटा ली जाएगी। 2024 में जब नक्सलवाद की डेडलाइन तय हुई तब से लेकर अब तक 110 सीआरपीएफ के नए कैम्प खोले गए। इसके पहले बस्तर में 290 कैंप थे। नए कैंप धुर नक्सली क्षेत्रों में खुले, जहां फोर्स जाने से भी डरती थी।

2024 में 43, 2025 में 60 और 2026 में 7 कैंप खुले। इन कैंप में आठ से 15 बैरक हैं, दो बोर और शौचालय हैं। एक बटालियन में पांच कैंप खोले जाते हैं। अभी जिस कैंप में सुविधा केंद्र बनेगा उसकी फोर्स या तो दूसरे कैंप में भेजी जाएगी या बेस कैंप में चली जाएगी। इसके बाद उसे सीआरपीएफ के केंद्रीय निर्देश पर उसे आगे ड्यूटी पर भेजा जाएगा। मजबूती के साथ बनी इनकी इमारतें अब जनता के काम आएंगी। गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि कैंप को जन सुविधा केंद्र, अस्पताल, आंगनबाड़ी, लघु वनोपज संग्रहण केंद्र में बदला जाएगा। यह बस्तर के बदलाव की शुरुआत है। जिसका शुभारंभ अमित शाह जी 18 मई से नेतानार से करने जा रहे हैं।

बस्तर में ‘विजय उत्सव’ की तैयारी
बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्ति दिलाने के संकल्प को पूरा करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहली बार बस्तर प्रवास पर आ रहे हैं। उनके इस दो दिवसीय (18 व 19 मई) दौरे को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक ‘विजय उत्सव’ के रूप में मनाने की पुरजोर तैयारियों में जुट गई है। रायपुर स्थित भाजपा जिला कार्यालय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें गृह मंत्री के भव्य अभिनंदन की रूपरेखा तैयार की गई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने बैठक में कहा कि बस्तर से माओवाद के खात्मे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री का यह पहला दौरा बेहद ऐतिहासिक है। इस बेहद महत्वपूर्ण प्रवास के दौरान देश के चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी बस्तर में मौजूद रहेंगे। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को समय सीमा के भीतर और पूरी गंभीरता के साथ तैयारियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

आज रात रायपुर आएंगे, कल-परसों बस्तर में
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज रात 08:30 बजे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे रायपुर एयरपोर्ट से सीधे नवा रायपुर स्थित होटल जाएंगे, जहां रात्रि विश्राम करेंगे। 18 मई की सुबह 10:30 बजे गृहमंत्री अमित शाह राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वे डायल 112 सेवा के लिए शामिल किए गए नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। दोपहर 12:20 बजे केंद्रीय गृहमंत्री शाह रायपुर से जगदलपुर रवाना होंगे। जगदलपुर पहुंचने के बाद वे नेतानार में जनसुविधा केंद्र का शुभारंभ करेंगे। शाम को जगदलपुर में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। गृहमंत्री शाह 18 मई की रात जगदलपुर में ही रात्रि विश्राम करेंगे। जगदलपुर में बने अमर वाटिका में भी पहली बार अमित शाह पहुंचेगे। यहां पर 1402 शहीदों को वे नमन करेंगे। इसके बाद वे बादल अकादमी जाएंगे। यहां वे अभियान में जुटे अफसरों, नक्सल पीडि़तों, शहीद के परिजनों और जनप्रतिनिधियों से मिलेंगे। इसके साथ ही पूर्व नक्सली लीडर सतीश और श्याम दादा से भी मिलने की योजना है। वे लोगों से यह समझेंगे कि बस्तर में विकास को किस तरह आगे बढ़ाया जाए। साथ ही विचारधारा बस्तर को नुकसान तो पहुंचाएगी, इस पर विचार करेंगे।19 मई को सुबह 11 बजे से जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हिस्सा लेंगे। बैठक के बाद उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी प्रस्तावित है। दौरे के अंतिम दिन दोपहर करीब 03:40 बजे गृहमंत्री शाह जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 

कल शाम आएंगे तीन मुख्यमंत्री 
सोमवार की शाम को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के पुष्कर धामी और मध्यप्रदेश के मोहन यादव रायपुर आएंगे।