महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पारित : अब केवल राज्यपाल के हस्ताक्षर का इंतजार, कानून बनते ही लगेंगे कड़े प्रतिबंध

महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पारित : अब केवल राज्यपाल के हस्ताक्षर का इंतजार, कानून बनते ही लगेंगे कड़े प्रतिबंध

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में एक बड़ा विधायी कदम उठाते हुए 'धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक' (Religious Conversion Prevention Bill) को मंजूरी दे दी गई है। राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए इस विधेयक का उद्देश्य जबरन, प्रलोभन या धोखाधड़ी के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर लगाम लगाना है। सदन से पारित होने के बाद अब यह विधेयक अंतिम मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया है।

विधेयक की मुख्य विशेषताएं और प्रावधान

इस नए कानून के लागू होने के बाद महाराष्ट्र में धर्म परिवर्तन से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव आएंगे:

  • सख्त सजा का प्रावधान: यदि कोई व्यक्ति जबरन या लालच देकर किसी का धर्म परिवर्तन कराता पाया जाता है, तो उसे भारी जुर्माने के साथ कारावास की सजा भुगतनी होगी।

  • शादी के लिए धर्मांतरण: केवल विवाह के उद्देश्य से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को भी इस कानून के दायरे में लाया गया है। यदि कोई शादी केवल धर्म बदलवाने के इरादे से की गई है, तो उसे अवैध घोषित किया जा सकता है।

  • पूर्व सूचना अनिवार्य: स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने के इच्छुक व्यक्तियों को अब जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्व सूचना देनी होगी।

सरकार का पक्ष

राज्य सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कानून किसी विशेष धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य निर्दोष लोगों को धोखाधड़ी और दबाव से बचाना है। सरकार के अनुसार, पिछले कुछ समय में जबरन धर्मांतरण की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।

विपक्ष का विरोध और बहस

सदन में इस विधेयक को लेकर तीखी बहस भी देखने को मिली। विपक्ष के कुछ सदस्यों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। हालांकि, सत्ता पक्ष ने बहुमत के साथ इस बिल को पारित करा लिया।

अगला कदम क्या होगा?

वर्तमान स्थिति के अनुसार, विधेयक विधानसभा और विधान परिषद (यदि लागू हो) की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। अब इसे राज्यपाल के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है। राज्यपाल की मुहर लगते ही यह आधिकारिक तौर पर राज्य में कानून (Act) के रूप में लागू हो जाएगा।