सांसद बृजमोहन अग्रवाल का युवाओं को बड़ा तोहफा: रायपुर में खुलेगा राष्ट्रीय कौशल विकास संस्थान, AI और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे आधुनिक क्षेत्रों में मिलेगा वर्ल्ड क्लास प्रशिक्षण

सांसद बृजमोहन अग्रवाल का युवाओं को बड़ा तोहफा: रायपुर में खुलेगा राष्ट्रीय कौशल विकास संस्थान, AI और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे आधुनिक क्षेत्रों में मिलेगा वर्ल्ड क्लास प्रशिक्षण

विकास पुरुष बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी उपलब्धि: छत्तीसगढ़ को मिलेगी पहले NSTI की सौगात, संसद में उठाई आवाज तो जमीन आवंटन की प्रक्रिया हुई तेज

बृजमोहन अग्रवाल के संकल्प से दूर होगा बेरोजगारी का अंधेरा; NSTI के माध्यम से रुकेगा पलायन, स्थानीय स्तर पर युवाओं को मिलेंगे रोजगार के स्वर्णिम अवसर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के विकास पुरुष और वरिष्ठ भाजपा नेता, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अथक प्रयासों और संकल्पशक्ति के परिणामस्वरूप प्रदेश में पहले राष्ट्रीय कौशल विकास संस्थान (NSTI) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अग्रवाल द्वारा लोकसभा में इस विषय को प्रखरता से उठाए जाने के बाद अब राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है।

तकनीकी शिक्षा विभाग ने रायपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर जमीन की जानकारी मांगी है। जमीन का चिह्नांकन होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में NSTI की आवश्यकता को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में 2 फरवरी 2026 को प्रभावी ढंग से आवाज उठाई थी। उनके द्वारा पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया था कि राज्य की ओर से 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होते ही फंड जारी कर दिया जाएगा। सांसद के निरंतर फॉलो-अप और दबाव का ही परिणाम है कि अब जिला प्रशासन रायपुर (सड्डू या मोवा) में जमीन की तलाश कर रहा है।

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा संस्थान

सांसद अग्रवाल का मानना है कि केवल डिग्री से रोजगार नहीं मिलता, बल्कि कौशल (Skill) से भविष्य संवरता है। इस संस्थान के आने से छत्तीसगढ़ के युवाओं को- 
• भविष्य की तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और डिजिटल सेवाएं।
• ग्रीन इकोनॉमी: इलेक्ट्रिक व्हीकल और ग्रीन एनर्जी का आधुनिक प्रशिक्षण।
• स्थानीय विकास: खनिज, बिजली और कृषि प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में रोजगारोन्मुखी कोर्स के माध्यम से विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि “हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। NSTI के माध्यम से हम ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेंगे, जिससे पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर समृद्धि आएगी।”

पलायन पर लगेगी रोक, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन संपन्न राज्य के लिए यह पहल एक मील का पत्थर है। अग्रवाल के विजन के अनुरूप, यह संस्थान उद्योगों के साथ सीधा तालमेल बिठाकर युवाओं को सीधे प्लेसमेंट दिलाने में मदद करेगा। इससे प्रदेश की बेरोजगारी दर में भारी कमी आएगी और छत्तीसगढ़ कौशल विकास के मानचित्र पर अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।