अग्नि सुरक्षा कार्यशाला में व्यापारियों ने सीखे आगजनी से बचने के गुर

अग्नि सुरक्षा कार्यशाला में व्यापारियों ने सीखे आगजनी से बचने के गुर

आग लगने पर सबसे पहले बिजली सप्लाई बंद करना जरूरी

रायपुर। बढ़ते शहरीकरण के बीच आगजनी की घटनाओं से बचाव को लेकर शहर में जागरूकता बढ़ाने की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और अग्निशमन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय अग्नि सुरक्षा एवं रोकथाम कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें व्यापारियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में संभागीय सेनानी एवं एसडीआरएफ नोडल अधिकारी अनिमा एस. कुजूर ने कहा कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले बिजली सप्लाई बंद करना बेहद जरूरी है, ताकि आग के फैलाव को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि भारत में आग की घटनाओं के मामले में देश तीसरे स्थान पर है और अधिकांश हादसे शॉर्ट सर्किट, गैस सिलेंडर फटना और मानवीय लापरवाही के कारण होते हैं।


मॉक ड्रिल से दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला में जिला अग्निशमन अधिकारी पुष्पराज सिंह और अग्निशमन केंद्र टिकरापारा के प्रभारी लिलेश्वर सिंह राजपूत की टीम ने व्यापारियों को मॉक ड्रिल के जरिए प्रशिक्षण दिया। इसमें आग बुझाने वाले उपकरणों के उपयोग, प्राथमिक उपचार और आपात स्थिति में बचाव के तरीकों का प्रदर्शन किया गया।
अग्नि सुरक्षा उपकरण अनिवार्य: कैट
कैट के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने कहा कि लोग घर, गोदाम और कारखानों में अन्य सुविधाओं पर खर्च करते हैं, लेकिन अग्नि सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने कहा कि कम लागत में अग्निशमन उपकरण लगाकर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है, इसलिए इसे प्राथमिकता देना जरूरी है।


व्यापारियों को दिए गए जरूरी सुझाव
विशेषज्ञों ने व्यापारियों को सलाह दी कि वे अपनी दुकानों और गोदामों में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें, निकास मार्ग सुनिश्चित करें और आग लगने की स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दें। साथ ही आपातकालीन नंबर याद रखने और उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी रखने पर भी जोर दिया गया।
कार्यशाला में कैट, युवा कैट, महिला विंग और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य व्यापारियों को आगजनी की घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूक करना और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना रहा।