पंचांग 18 मार्च : आज है फाल्गुन अमावस्या; जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पितृ तर्पण का महत्व
नई दिल्ली : आज 18 मार्च 2026, बुधवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। फाल्गुन अमावस्या का सनातन धर्म में विशेष महत्व है, क्योंकि इसे सुख, शांति और पितरों के उद्धार के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। बुधवार का दिन होने के कारण आज भगवान गणेश और बुध देव की पूजा का भी शुभ संयोग बन रहा है।
पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय का सटीक विवरण:
आज का पंचांग: मुख्य विवरण (18 मार्च 2026)
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तिथि: अमावस्या (कृष्ण पक्ष) - दोपहर 12:02 PM तक, उसके बाद चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ।
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दिन: बुधवार (Wednesday)
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मास: फाल्गुन (पूर्णिमांत के अनुसार)
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नक्षत्र: पूर्वभाद्रपद नक्षत्र - दोपहर 02:12 PM तक, उसके बाद उत्तरभाद्रपद नक्षत्र।
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करण: चतुष्पाद - दोपहर 12:02 PM तक, उसके बाद नाग।
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योग: ब्रह्म योग - रात 08:02 PM तक, उसके बाद इंद्र योग।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
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सूर्योदय: सुबह 06:29 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:31 PM
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चंद्रोदय: सुबह 06:40 AM (19 मार्च)
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चंद्रास्त: शाम 04:54 PM
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चंद्र राशि: मीन राशि (पूरा दिन-रात)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज के दिन पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठानों के लिए शुभ समय:
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अभिजीत मुहूर्त: आज कोई अभिजीत मुहूर्त नहीं है (बुधवार को इसका अभाव रहता है)।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:17 PM तक।
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:31 PM से 06:55 PM तक।
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अमृत काल: सुबह 06:42 AM से 08:11 AM तक।
अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों और नए निवेश से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 12:30 PM से 02:00 PM तक।
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यमगण्ड: सुबह 07:59 AM से 09:30 AM तक।
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गुलिक काल: सुबह 11:00 AM से दोपहर 12:30 PM तक।
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दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:06 PM से 12:54 PM तक।
आज का विशेष महत्व और उपाय
आज फाल्गुन अमावस्या है, जिसे पितरों की शांति के लिए दान-पुण्य का दिन माना जाता है।
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पितृ तर्पण: आज सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद पितरों के नाम से जल तर्पण और दान (तिल, गुड़, अनाज) करने से घर में समृद्धि आती है।
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विशेष उपाय: बुधवार का दिन होने के कारण भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें और "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें। इससे व्यापारिक बाधाएं दूर होती हैं और बुद्धि का विकास होता है।
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दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से धनिया या तिल खाकर निकलें।

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