पंचांग ​​17 मार्च: मंगलवार को चतुर्दशी तिथि का संयोग; जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और हनुमान पूजा की विधि

पंचांग ​​17 मार्च: मंगलवार को चतुर्दशी तिथि का संयोग; जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और हनुमान पूजा की विधि

नई दिल्ली: आज 17 मार्च 2026, मंगलवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। मंगलवार का दिन साहस, शक्ति और भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान को समर्पित है। आज के दिन हनुमान जी की पूजा करने से मंगल दोष शांत होता है और जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।

पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय का सटीक विवरण:

आज का पंचांग: मुख्य विवरण (17 मार्च 2026)

  • तिथि: चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) - दोपहर 02:44 PM तक, उसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ।

  • दिन: मंगलवार (Tuesday)

  • मास: फाल्गुन

  • नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र - शाम 04:19 PM तक, उसके बाद पूर्वभाद्रपद नक्षत्र।

  • करण: शकुनि - दोपहर 02:44 PM तक, उसके बाद चतुष्पाद।

  • योग: शुक्ल योग - रात 11:27 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय

  • सूर्योदय: सुबह 06:30 AM

  • सूर्यास्त: शाम 06:30 PM

  • चंद्रोदय: सुबह 06:04 AM (18 मार्च)

  • चंद्रास्त: दोपहर 03:52 PM

  • चंद्र राशि: कुंभ राशि में (सुबह 10:48 AM तक), उसके बाद मीन राशि में प्रवेश।

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

आज के दिन किसी भी मांगलिक कार्य या नई शुरुआत के लिए शुभ समय:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 PM से 12:54 PM तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:17 PM तक।

  • अमृत काल: सुबह 08:52 AM से 10:21 AM तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:52 AM से 05:41 AM तक।

अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों और धन के लेन-देन से बचना चाहिए:

  • राहुकाल: दोपहर 03:30 PM से शाम 04:59 PM तक।

  • यमगण्ड: सुबह 09:29 AM से 10:59 AM तक।

  • गुलिक काल: दोपहर 12:29 PM से 01:59 PM तक।

  • दुर्मुहूर्त: सुबह 08:54 AM से 09:42 AM तक, फिर रात 11:05 PM से 11:53 PM तक।

आज का विशेष महत्व और उपाय

आज भौम चतुर्दशी का संयोग है। मंगल ग्रह को भूमि पुत्र माना जाता है, इसलिए आज के दिन हनुमान जी की आराधना विशेष फलदायी होती है।

  • विशेष उपाय: आज हनुमान मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं और सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी को सिंदूर और चोला चढ़ाने से शारीरिक कष्टों और कर्ज से मुक्ति मिलती है।

  • दिशाशूल: मंगलवार को उत्तर दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से गुड़ खाकर निकलें।