पंचांग 14 फरवरी : आज 'शनि प्रदोष' और 'वैलेंटाइन डे' का खास संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

पंचांग 14 फरवरी : आज 'शनि प्रदोष' और 'वैलेंटाइन डे' का खास संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज 14 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज शनिवार का दिन है और शाम के समय त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होने के कारण आज शनि प्रदोष व्रत का भी विशेष महत्व रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन प्रदोष तिथि का होना संतान सुख और कर्ज से मुक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

आज की तिथि और नक्षत्र (Panchang Details)

  • तिथि: द्वादशी दोपहर 12:02 बजे तक है, उसके बाद त्रयोदशी (प्रदोष) तिथि शुरू होगी।

  • नक्षत्र: आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शाम 05:22 बजे तक रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का आगमन होगा।

  • योग: आज सिद्धि योग दोपहर 11:25 बजे तक है, जिसके बाद व्यतिपात योग शुरू होगा।

  • करण: तैतिल और गर।

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: सुबह 07:00 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 06:11 बजे

  • चन्द्रोदय: सुबह 04:19 बजे (15 फरवरी की रात)

  • चन्द्रास्त: दोपहर 02:18 बजे

  • चंद्र राशि: चंद्रमा आज पूरे दिन और रात धनु राशि में रहेंगे (शाम को मकर राशि में प्रवेश करेंगे)।

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

आज शनिवार को पूजा-पाठ और नए कार्यों के लिए ये मुहूर्त श्रेष्ठ हैं:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक। (सबसे शुभ समय)

  • प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 06:11 बजे से रात 08:35 बजे तक (भगवान शिव की पूजा के लिए)।

  • अमृत काल: सुबह 11:32 बजे से दोपहर 01:13 बजे तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:19 बजे से 06:10 बजे तक।

सावधान: राहुकाल और अशुभ समय (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:

  • राहुकाल: सुबह 09:48 बजे से 11:12 बजे तक।

  • यमगण्ड: दोपहर 02:00 बजे से 03:24 बजे तक।

  • गुलिक काल: सुबह 07:00 बजे से 08:24 बजे तक।

विशेष सावधानी और उपाय

  • दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से अदरक या घी खाकर निकलें।

  • शनि देव की पूजा: आज शनिवार होने के कारण शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करता है।

  • प्रदोष व्रत: चूँकि आज प्रदोष है, इसलिए शाम के समय शिव चालीसा का पाठ करना और भोलेनाथ का अभिषेक करना मानसिक शांति प्रदान करेगा।