पंचांग 11 मार्च : बुधवार को अष्टमी तिथि का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज के विशेष योग

पंचांग 11 मार्च : बुधवार को अष्टमी तिथि का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज के विशेष योग

नई दिल्ली: आज 11 मार्च 2026, बुधवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को समर्पित होता है। आज के दिन की गई गणेश वंदना से बुद्धि, विद्या और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय का पूरा सटीक विवरण:

आज का पंचांग: मुख्य विवरण (11 मार्च 2026)

  • तिथि: अष्टमी (कृष्ण पक्ष) - रात 09:22 PM तक, उसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ।

  • दिन: बुधवार (Wednesday)

  • मास: फाल्गुन

  • नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र - शाम 05:46 PM तक, उसके बाद मूल नक्षत्र।

  • करण: कौलव - सुबह 08:18 AM तक, उसके बाद तैतिल।

  • योग: वज्र योग - सुबह 10:43 AM तक, उसके बाद सिद्धि योग।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय

  • सूर्योदय: सुबह 06:36 AM

  • सूर्यास्त: शाम 06:26 PM

  • चंद्रोदय: रात्रि 01:21 AM (12 मार्च)

  • चंद्रास्त: सुबह 10:33 AM

  • चंद्र राशि: वृश्चिक - शाम 05:46 PM तक, उसके बाद धनु राशि।

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

आज के दिन शुभ कार्यों के संपादन के लिए श्रेष्ठ समय:

  • अभिजीत मुहूर्त: आज कोई स्पष्ट अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है (बुधवार को इसे विशेष महत्व नहीं दिया जाता)।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 PM से 03:18 PM तक।

  • अमृत काल: सुबह 08:35 AM से 10:19 AM तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:59 AM से 05:48 AM तक।

अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)

राहुकाल में किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:

  • राहुकाल: दोपहर 12:31 PM से 01:59 PM तक।

  • यमगण्ड: सुबह 08:05 AM से 09:34 AM तक।

  • गुलिक काल: सुबह 11:03 AM से 12:31 PM तक।

  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:07 PM से 12:54 PM तक।

आज का विशेष योग और उपाय

आज सिद्धि योग बन रहा है, जिसे किसी भी कार्य की सिद्धि के लिए बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही शाम को चंद्रमा का गोचर धनु राशि में होगा।

  • विशेष उपाय: आज के दिन भगवान गणेश को दुर्वा की 21 गांठें अर्पित करें और "ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः" मंत्र का जाप करें। इससे व्यापार और शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

  • दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो घर से धनिया या तिल खाकर निकलें।