क्या योग सिर्फ लचीले लोगों के लिए है? जानें योग से जुड़े 5 बड़े भ्रम और उनकी असलियत
नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को फिट और मानसिक रूप से शांत रखने के लिए 'योग' दुनिया भर में पहली पसंद बन चुका है। लेकिन, बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ योग को लेकर कई तरह की गलतफहमियां और भ्रम (Myths) भी फैल गए हैं। कई लोग इन भ्रमों के कारण योग शुरू करने से कतराते हैं।
योग के प्रति सही नजरिया अपनाना जरूरी है। आइए जानते हैं योग से जुड़े उन मिथकों के बारे में जिन्हें आपको आज ही भूल जाना चाहिए:
मिथक 1: योग करने के लिए शरीर का लचीला (Flexible) होना जरूरी है
सच्चाई: यह सबसे बड़ा भ्रम है। सच तो यह है कि योग लचीलापन पाने के लिए किया जाता है, न कि इसके लिए लचीला होना जरूरी है। जिस तरह तैरना सीखने के लिए पहले से तैरना आना जरूरी नहीं है, वैसे ही योग भी कोई भी शुरू कर सकता है। नियमित अभ्यास से आपका शरीर धीरे-धीरे खुद लचीला होने लगता है।
मिथक 2: योग केवल महिलाओं के लिए है
सच्चाई: कई लोग मानते हैं कि योग केवल महिलाओं का व्यायाम है। इतिहास देखा जाए तो प्राचीन काल में योग पुरुषों द्वारा ही शुरू किया गया था। योग मांसपेशियों की ताकत, मानसिक स्पष्टता और शारीरिक संतुलन बढ़ाता है, जो महिला और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से फायदेमंद है। आज दुनिया के बेहतरीन एथलीट्स और जिम जाने वाले पुरुष भी अपनी रिकवरी के लिए योग का सहारा लेते हैं।
मिथक 3: योग एक धार्मिक अभ्यास है
सच्चाई: हालांकि योग की उत्पत्ति भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं से हुई है, लेकिन यह किसी धर्म विशेष से बंधा नहीं है। योग एक विज्ञान और जीवन जीने की कला है, जिसका उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा का मिलन है। इसे दुनिया के किसी भी धर्म को मानने वाला व्यक्ति अपनी सेहत और शांति के लिए अपना सकता है।
मिथक 4: योग से वजन कम नहीं होता
सच्चाई: कई लोग सोचते हैं कि वजन घटाने के लिए केवल जिम या हैवी कार्डियो ही प्रभावी है। लेकिन 'पावर योग' और 'विन्यास योग' जैसी विधाएं काफी कैलोरी बर्न करती हैं। योग न केवल शरीर की चर्बी घटाता है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी सुचारू करता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है।
मिथक 5: योग करने के लिए बहुत समय चाहिए
सच्चाई: व्यस्त जीवनशैली में लोगों को लगता है कि योग के लिए घंटों समय निकालना होगा। असल में, यदि आप रोजाना सिर्फ 15 से 20 मिनट भी एकाग्रता के साथ सूर्य नमस्कार या कुछ बुनियादी आसन और प्राणायाम करते हैं, तो इसके परिणाम आपको कुछ ही दिनों में दिखने लगेंगे।
योग शुरू करने के लाभ:
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तनाव में कमी: प्राणायाम और ध्यान से मानसिक शांति मिलती है।
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बेहतर मुद्रा (Posture): डेस्क जॉब करने वालों के लिए कमर और गर्दन के दर्द में राहत।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता: नियमित योग से शरीर की बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।

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