कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा समूह चर्चा और व्यक्तिगत साक्षात्कार कौशल बढ़ाने पर कार्यशाला

कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा समूह चर्चा और व्यक्तिगत साक्षात्कार कौशल बढ़ाने पर कार्यशाला

रायपुर। आज के प्रतिस्पर्धी समय में केवल विषय ज्ञान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसे सही तरीके से व्यक्त करना भी उतना ही आवश्यक है। कई बार विद्यार्थी योग्य होने के बावजूद इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन या अन्य चयन प्रक्रियाओं में अपनी बात प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिसके कारण वे अच्छे अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


इस दिशा में पहल करते हुए, वर्ष 2013 में स्थापित कलिंगा विश्वविद्यालय, जो छत्तीसगढ़ के स्मार्ट सिटी नया रायपुर में स्थित है, विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय ने NIRF रैंकिंग 2025 में लगातार चौथे वर्ष भारत के शीर्ष 101–150 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त किया है तथा NAAC से B+ ग्रेड प्राप्त कर उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है।
इसी क्रम में, कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा अंतिम वर्ष के स्नातक विद्यार्थियों के लिए “Enhance Group Discussions & Personal Interview Skills” विषय पर दो विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशालाएं दिनांक 25 अप्रैल 2026 को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित होंगी।


इन सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों की संचार क्षमता, आत्मविश्वास तथा प्रस्तुति कौशल को विकसित करना है, ताकि वे ग्रुप डिस्कशन, MBA इंटरव्यू एवं अन्य प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रियाओं में प्रभावी प्रदर्शन कर सकें। कार्यशाला पूरी तरह प्रायोगिक एवं इंटरएक्टिव होगी, जिसमें विद्यार्थियों को ग्रुप डिस्कशन में भाग लेने की रणनीति, इंटरव्यू में उत्तर देने की तकनीक, बॉडी लैंग्वेज का सही उपयोग तथा आत्मविश्वास बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।


कलिंगा विश्वविद्यालय समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि व्यावसायिक रूप से भी सक्षम बनाना है। यह कार्यशाला भी विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है।