चिंता और गुस्से को कहें अलविदा; रोज सुबह करें 'शशांकासन', मानसिक शांति के साथ मिलेंगे ये 5 जबरदस्त फायदे

चिंता और गुस्से को कहें अलविदा; रोज सुबह करें 'शशांकासन', मानसिक शांति के साथ मिलेंगे ये 5 जबरदस्त फायदे

लाइफस्टाइल डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और गुस्सा आम समस्याएं बन गई हैं। इनका सीधा असर हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, 'शशांकासन' (Shashankasana) एक ऐसा प्रभावी योगासन है जो मन को शांत करने और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। इस आसन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।

क्या है शशांकासन?

'शशांक' का अर्थ होता है चंद्रमा और 'आसन' का अर्थ है मुद्रा। इसे अंग्रेजी में 'Rabbit Pose' भी कहा जाता है। जिस तरह चंद्रमा शीतलता प्रदान करता है, उसी तरह यह आसन शरीर और मस्तिष्क को ठंडक पहुँचाता है।

शशांकासन करने के बेमिसाल फायदे

  1. गुस्से पर नियंत्रण: यदि आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है, तो यह आसन आपके लिए रामबाण है। यह एड्रिनल ग्रंथि को नियंत्रित कर स्वभाव में विनम्रता लाता है।

  2. तनाव और चिंता से मुक्ति: यह मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ाता है, जिससे मानसिक थकान दूर होती है और एंग्जायटी (Anxiety) कम होती है।

  3. पाचन तंत्र में सुधार: इस मुद्रा में पेट पर पड़ने वाला दबाव कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है और लिवर-किडनी को सक्रिय करता है।

  4. रीढ़ की हड्डी के लिए लाभदायक: यह पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है, जिससे रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है और पीठ दर्द में आराम मिलता है।

  5. हृदय स्वास्थ्य: नियमित अभ्यास से हृदय गति सामान्य रहती है और उच्च रक्तचाप (High BP) को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

कैसे करें शशांकासन? (Step-by-Step Guide)

  • सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।

  • गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं।

  • अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें, जब तक कि आपकी हथेलियां और माथा जमीन को न छू लें।

  • इस स्थिति में सामान्य सांस लें और कुछ देर रुकें।

  • फिर सांस भरते हुए वापस ऊपर आएं और धीरे से हाथों को नीचे ले आएं।

जरूरी सावधानियां

  • किसे नहीं करना चाहिए: यदि आपको स्लिप डिस्क, गंभीर पीठ दर्द या घुटनों में तकलीफ है, तो इस आसन को करने से बचें।

  • गर्भावस्था: गर्भवती महिलाओं को यह आसन किसी विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

  • खाली पेट: किसी भी योगासन की तरह, इसे भी खाली पेट करना ही सबसे अधिक लाभदायक होता है।