सावधान! तेज धूप में खड़ी बाइक की गर्म सीट पर बैठना पड़ सकता है भारी; पुरुषों की फर्टिलिटी पर हो रहा है सीधा हमला

सावधान! तेज धूप में खड़ी बाइक की गर्म सीट पर बैठना पड़ सकता है भारी; पुरुषों की फर्टिलिटी पर हो रहा है सीधा हमला

नई दिल्ली। बढ़ती गर्मी के साथ हम अक्सर अपनी त्वचा और आंखों का तो ख्याल रखते हैं, लेकिन कुछ ऐसी आदतें हैं जिन्हें हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं। तेज धूप में घंटों खड़ी रहने वाली बाइक की गर्म सीट पर बैठना पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ और फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है।

क्यों है गर्म तापमान स्पर्म के लिए खतरनाक?

मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पर्म सेल्स (शुक्राणु) शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में तापमान के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं।

  • तापमान का संतुलन: पुरुषों के टेस्टिकल्स (वृषण) शरीर के बाहर इसलिए होते हैं ताकि उनका तापमान शरीर के औसत तापमान से 2 से 4 डिग्री कम रहे। यह कम तापमान स्वस्थ स्पर्म के उत्पादन के लिए अनिवार्य है।

  • गर्मी का सीधा असर: जब कोई व्यक्ति धूप में तप रही बाइक की सीट पर बैठता है, तो ग्रोइन एरिया (Groin area) का तापमान अचानक बढ़ जाता है। यह गर्मी स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या (Sperm Count) दोनों को प्रभावित कर सकती है।

हो सकते हैं ये गंभीर नुकसान:

  1. स्पर्म की गतिशीलता में कमी: अत्यधिक तापमान स्पर्म की मूवमेंट को धीमा कर देता है, जिससे गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है।

  2. DNA को नुकसान: शोध बताते हैं कि ज़्यादा गर्मी स्पर्म के DNA स्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुँचा सकती है।

  3. हार्मोनल असंतुलन: लगातार गर्मी के संपर्क में रहने से टेस्टोस्टेरोन जैसे महत्वपूर्ण मेल हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जो स्पर्म उत्पादन को नियंत्रित करते हैं।

  4. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस: शरीर का बढ़ता तापमान टेस्टिकल्स में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करता है, जिससे सेल्स को क्षति पहुँचती है।

डिहाइड्रेशन का भी है बड़ा रोल

गर्मी के मौसम में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी एक बड़ी समस्या है। चूंकि सीमेन (वीर्य) का एक बड़ा हिस्सा पानी से बना होता है, इसलिए शरीर में पानी की कमी होने से स्पर्म उत्पादन और भी कमजोर हो सकता है। यह ब्लड फ्लो और हार्मोन ट्रांसपोर्ट को भी बाधित करता है।