बार-बार गैस बनना सिर्फ पेट की खराबी नहीं, 'लिवर' की बीमारी का भी है संकेत; भूलकर भी न करें इन लक्षणों को इग्नोर

बार-बार गैस बनना सिर्फ पेट की खराबी नहीं, 'लिवर' की बीमारी का भी है संकेत; भूलकर भी न करें इन लक्षणों को इग्नोर

नई दिल्ली : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खान-पान के कारण पेट में गैस (Gas) और एसिडिटी होना एक आम समस्या बन गई है। अधिकांश लोग इसे साधारण पाचन की गड़बड़ी मानकर ईनो या घरेलू नुस्खों से दबा देते हैं। लेकिन अगर आपको बार-बार और अत्यधिक गैस बन रही है, तो यह केवल पाचन तंत्र की नहीं बल्कि लिवर (Liver) की गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है।

चिकित्सकों का मानना है कि लिवर हमारे शरीर का 'इंजन' है, और जब इसमें गड़बड़ी आती है, तो उसका सबसे पहला असर हमारे डाइजेशन पर पड़ता है।

गैस और लिवर का क्या है संबंध?

लिवर शरीर में पित्त (Bile) बनाने का काम करता है, जो वसा (Fat) को पचाने के लिए जरूरी है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो भोजन का पाचन सही ढंग से नहीं हो पाता, जिससे पेट में सड़न पैदा होती है और गैस बनने लगती है।

लिवर की निम्नलिखित स्थितियों में गैस की समस्या बढ़ सकती है:

  1. फैटी लिवर (Fatty Liver): लिवर पर अतिरिक्त चर्बी जमा होने से पाचन धीमा हो जाता है।

  2. लिवर सिरोसिस: यह लिवर की गंभीर अवस्था है जिसमें लिवर के ऊतक डैमेज होने लगते हैं।

  3. लिवर में सूजन (Hepatitis): इन्फेक्शन के कारण लिवर में आई सूजन गैस और भारीपन का कारण बनती है।

इन संकेतों को पहचानें और न करें अनदेखा:

यदि गैस के साथ आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द: पसलियों के ठीक नीचे दाहिनी ओर भारीपन या दर्द महसूस होना।

  • भूख में कमी: खाना देखने का मन न करना या थोड़ा सा खाते ही पेट भर जाना।

  • जी मिचलाना और उल्टी: बार-बार मतली आना या सुबह के वक्त पीला पित्त निकलना।

  • त्वचा और आंखों का पीलापन: यह पीलिया (Jaundice) का संकेत हो सकता है, जो सीधे लिवर की खराबी को दर्शाता है।

  • पेट का फूलना (Ascites): गैस के अलावा पेट में तरल पदार्थ जमा होने के कारण पेट का असामान्य रूप से फूलना।

लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय:

  1. संतुलित आहार: अधिक तेल-मसाले और बाहर के जंक फूड से परहेज करें।

  2. शराब से दूरी: अल्कोहल लिवर का सबसे बड़ा दुश्मन है, इसका सेवन पूरी तरह बंद कर दें।

  3. पानी का खूब सेवन: दिनभर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें।

  4. नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि लिवर पर जमा चर्बी को कम करने में मदद करती है।

  5. समय पर जांच: अगर गैस की समस्या एक हफ्ते से ज्यादा बनी रहती है, तो LFT (Liver Function Test) जरूर करवाएं।