बाल चौपाल में पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, ग्रामीण महिलाओं-बच्चों से किया सीधा संवाद

बाल चौपाल में पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, ग्रामीण महिलाओं-बच्चों से किया सीधा संवाद

रायपुर। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने उत्तर बस्तर कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड के दूरस्थ ग्राम डांगरा में ‘बाल चौपाल’ लगाकर ग्रामीण महिलाओं और बच्चों से सीधे संवाद किया। कुसुम पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर किए गए इस संवाद में आत्मीयता और सरलता की झलक देखने को मिली।

इस दौरान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष Varnika Sharma और राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत भी उपस्थित रहीं।

मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि इससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन रही हैं।

उन्होंने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार लेने की सलाह देते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

बाल गतिविधियां और सम्मान कार्यक्रम

कार्यक्रम में बच्चों के लिए गुड टच-बैड टच, लोकगीत, लोकनृत्य और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। मंत्री ने प्रतिभाशाली बालिकाओं को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

अन्नप्राशन और सुपोषण संदेश

मंत्री ने तीन शिशुओं का अन्नप्राशन कराया और पांच शिशुवती माताओं को सुपोषण टोकरी भेंट कर कुपोषण मुक्ति का संदेश दिया।

विद्यारंभ संस्कार और ई-केवायसी

कार्यक्रम में पांच बच्चों को विद्यारंभ संस्कार प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही महतारी वंदन योजना से जुड़ी 68 महिलाओं का ई-केवायसी मौके पर ही पूरा किया गया।

सामूहिक भोज में दिखी स्थानीय संस्कृति

कार्यक्रम के बाद मंत्री और अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर पारंपरिक भोजन का आनंद लिया, जिसमें दाल, चावल, कुल्थी और मड़िया पेज जैसे स्थानीय व्यंजन शामिल थे।

पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण

प्रवास के दौरान मंत्री ने भानुप्रतापपुर स्थित चौगेल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

यह कार्यक्रम न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का उदाहरण बना, बल्कि ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद और विश्वास मजबूत करने की पहल के रूप में भी सामने आया।