रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेशभर के सरकारी विभागों को अप्रैल से स्मार्ट करंट लगना तय हो गया है। ज्यादातर सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटर लग गए हैं। अभी तो ये पोस्टपैड हैं, लेकिन इसको प्रीपैड करने के छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार की पहले चरण में सैद्धांतिक सहमति मिल गई है।
पहले चरण में ब्लाक स्तर के सभी सरकारी विभागों के कनेक्शन अप्रैल से प्रीपैड हो जाएंगे। करीब 45 हजार सरकारी कनेक्शनों को तीन माह का रीचार्ज करना होगा। इसी के साथ अलग-अलग चरणों में प्रदेश के सभी 1.72 लाख बिजली कनेक्शनों को प्रीपैड कर दिया जाएगा। मार्च तक सरकारी विभागों पर जितना भी बकाया होगा, उसको फ्रीज कर दिया जाएगा।
इस बकाया को प्रदेश सरकार किस्तों में पॉवर कंपनी को देगी। अभी करीब तीन हजार करोड का सरकारी विभागों पर बकाया है। प्रदेशभर में पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। 1.72 लाख सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इसमें से करीब डेढ़ लाख में ये मीटर लग गए हैं। बचे करीब 22 हजार मीटरों को भी लगाने का काम तेजी से हो रहा है। ये मीटर पंचायतों और आंगनबाड़ी के ही ज्यादा बचे हैं। संभावना जताई जा रही है कि कनेक्शन प्रीपैड होने से पहले बचे स्मार्ट मीटर भी लग जाएंगे।
सरकारी विभागों पर बकाया लगातार बढते जा रहा है। बीते साल अगस्त में यह बकाया 1988 करोड़ था जो बढ़ते-बढ़ते मार्च 2025 में 2444.91 करोड़ हो गया था। अब यह बकाया करीब तीन हजार करोड़ हो गया है। पहले चरण में ब्लाक स्तर पर करीब 45 हजार सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपैड करने की तैयारी है। इन सभी कनेक्शनों के विभागों को अपने बजट से तीन-तीन माह का रीचार्ज कराना होगा। जिस विभाग का एक माह का जितना बिल आता है, उसको देखते हुए तीन माह के बिल के बराबर की राशि का रीचार्ज कराना होगा। इस रीचार्ज के समाप्त होने से पहले आने वाले तीन माह के लिए फिर से रीचार्ज कराना होगा।