Bank Locker Rule: लॉकर से जेवर गायब हुए तो क्या बैंक देगा मुआवजा? जानें RBI के नए और सख्त नियम
नई दिल्ली। हाल ही में दिल्ली के कीर्ति नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में एक महिला के लॉकर से जेवर गायब होने की घटना ने बैंक लॉकर की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि यदि बैंक लॉकर से आपका कीमती सामान गायब हो जाए, तो क्या बैंक इसकी जिम्मेदारी लेगा? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियम इस बारे में क्या कहते हैं?
बैंक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता
RBI की नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब बैंक एग्रीमेंट की पेचीदा शर्तों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। यदि बैंक की लापरवाही के कारण लॉकर में रखे सामान को कोई नुकसान पहुँचता है, तो बैंक इसके लिए जवाबदेह होगा।
किन स्थितियों में मिलता है मुआवजा?
RBI के नियमों के मुताबिक, बैंक केवल उन्हीं घटनाओं के लिए मुआवजा देने के लिए बाध्य है जिन्हें टाला जा सकता था या जो बैंक की सुरक्षा चूक से जुड़ी हैं:
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चोरी या डकैती: यदि बैंक में चोरी या डकैती होती है।
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आग या इमारत ढहना: बैंक परिसर में आग लगने या लापरवाही से इमारत गिरने पर।
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धोखाधड़ी: बैंक कर्मचारियों द्वारा की गई किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में।
ध्यान दें: भूकंप, बाढ़ या किसी भी प्राकृतिक आपदा (Act of God) की स्थिति में बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है।
कितना मिलता है मुआवजा? (The 100x Rule)
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बैंक को यह पता नहीं होता कि आपने लॉकर के अंदर क्या रखा है। इसलिए, मुआवजे की राशि सामान की कीमत पर नहीं, बल्कि लॉकर के किराए पर आधारित होती है।
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नियम: बैंक की देयता (Liability) लॉकर के वार्षिक किराए के 100 गुना तक सीमित होगी।
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उदाहरण: यदि आपके लॉकर का सालाना किराया 5,000 रुपये है, तो चोरी या आग की स्थिति में बैंक आपको अधिकतम 5 लाख रुपये ही देगा, भले ही आपने वहां 50 लाख के जेवर रखे हों।
लॉकर में क्या रख सकते हैं और क्या नहीं?
बैंक लॉकर लेते समय होने वाले एग्रीमेंट में यह स्पष्ट होता है कि आप वहां केवल वैध सामान जैसे ज्वेलरी और जरूरी दस्तावेज ही रख सकते हैं।
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प्रतिबंधित सामान: नकदी (Cash), विदेशी मुद्रा, हथियार, नशीली दवाएं या कोई भी घातक/विस्फोटक सामान लॉकर में रखना सख्त मना है।

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