रायपुर में सूखे नशे का नेटवर्क ध्वस्त : 31 मामलों का हिस्ट्रीशीटर मुकेश बनिया भाई समेत गिरफ्तार

रायपुर में सूखे नशे का नेटवर्क ध्वस्त : 31 मामलों का हिस्ट्रीशीटर मुकेश बनिया भाई समेत गिरफ्तार

रायपुर। सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को बड़ी सफलता मिली है। कालीबाड़ी-नेहरू नगर क्षेत्र में सक्रिय अवैध नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर मुकेश बनिया और उसके भाई संजू को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई डीसीपी (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता की संयुक्त मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिटी कोतवाली पुलिस की टीम ने की।
6 किलो से ज्यादा गांजा, कट्टा और 2400 नशीली गोलियां जब्त
दरम्यानी रात नरेश्वर मंदिर, नरैया तालाब क्षेत्र में दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। तलाशी में 6 किलो 119 ग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 नग अल्प्राजोलम नशीली गोलियां और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
इससे पहले 24 फरवरी को नेहरू नगर नरैया तालाब क्षेत्र में दो आरोपियों को गांजा बेचते पकड़ा गया था। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर कालीबाड़ी क्षेत्र में नाले के पास बने एक हाइडआउट पर छापा मारा गया, जहां से 7 किलो 397 ग्राम गांजा, पैकिंग सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, वाई-फाई उपकरण, सीसीटीवी कैमरे और मोशन सेंसर बरामद हुए। पुलिस के अनुसार यह ठिकाना कार्रवाई से बचने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस था।
31 और 15 आपराधिक मामले दर्ज
मुख्य आरोपी मुकेश बनिया के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, गुंडागर्दी, मारपीट, अवैध शराब बिक्री और एनडीपीएस एक्ट समेत 31 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार रहकर म.प्र., राजस्थान, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में ठिकाने बदल रहा था।
उसके भाई संजू पर भी आर्म्स एक्ट, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और चोरी सहित 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों भाई क्षेत्र में दहशत फैलाकर नशे का अवैध कारोबार चला रहे थे।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी), 21(बी) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सूखे नशे के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति के तहत आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी।