छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गूंजेगा धर्मांतरण का मुद्दा : सदन में पेश होगा 'धर्म स्वतंत्रता विधेयक', विपक्ष के कड़े तेवर
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही आज काफी गहमागहमी भरी रहने वाली है। प्रदेश सरकार आज सदन में बहुप्रतीक्षित 'छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक' पेश करने जा रही है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में अवैध और जबरन धर्मांतरण पर कड़ाई से रोक लगाना है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
विधेयक के मुख्य बिंदु और उद्देश्य
राज्य सरकार द्वारा लाए जा रहे इस संशोधन विधेयक में धर्मांतरण को लेकर कई कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं:
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अवैध धर्मांतरण पर रोक: लालच, भय या धोखाधड़ी के जरिए कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखने का प्रस्ताव है।
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कड़ी सजा और जुर्माना: विधेयक में दोषियों के लिए जेल की अवधि और आर्थिक दंड (जुर्माने) को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।
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सूचना देना अनिवार्य: स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए जिला प्रशासन को पूर्व में सूचित करने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और अनिवार्य बनाया जा रहा है।
सदन में हंगामे के आसार
विपक्ष (कांग्रेस) ने इस विधेयक को लेकर पहले ही अपने तेवर साफ कर दिए हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार इस तरह के कानून के जरिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष (भाजपा) का तर्क है कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक आदिवासियों और भोले-भाले ग्रामीणों के धर्मांतरण को रोकने के लिए यह कानून समय की मांग है।
आज की कार्यसूची में अन्य मुद्दे
धर्मांतरण विधेयक के अलावा, सदन में आज अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी:
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ध्यानाकर्षण सूचनाएं: कानून-व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर विपक्षी सदस्य मंत्रियों का ध्यान आकर्षित करेंगे।
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अनुपूरक बजट: विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों और अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान होने की संभावना है।
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जनहित के मुद्दे: प्रदेश में बढ़ते अपराधों और अधोसंरचना विकास (Infrastructure) से जुड़े सवालों के जवाब संबंधित मंत्रियों द्वारा दिए जाएंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधानसभा की संवेदनशीलता को देखते हुए परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभी की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि 'धर्म स्वतंत्रता विधेयक' को लेकर चर्चा का रुख किस ओर मुड़ता है।

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