ओला-उबर के एकाधिकार को खत्म करेगा 'भारत टैक्सी' ऐप, छत्तीसगढ़ में जल्द होगी शुरुआत : बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली। दैनिक यात्रियों और गिग-वर्कर्स को राहत देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ‘भारत टैक्सी’ ऐप को बढ़ावा दे रही है। यह एक सहकारी-आधारित (Cooperative-based) राइड-हेलिंग विकल्प है, जिसे ओला, उबर और रैपिडो जैसे निजी एग्रीगेटर्स के दबदबे को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है।
लोकसभा सत्र के दौरान रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल को उत्तर देते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस प्लेटफॉर्म के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इसे कॉर्पोरेट क्षेत्र के समान विकास के अवसर मिल सकें और देश एक सफल सहकारी मॉडल प्रस्तुत कर सके।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “यात्री अचानक बढ़ती कीमतों से परेशान हैं और ड्राइवर भारी कॉर्पोरेट कमीशन के कारण प्रभावित हो रहे हैं। भारत टैक्सी का सहकारी मॉडल इस समस्या का पारदर्शी समाधान है। छत्तीसगढ़ में इसकी शुरुआत को तेज करने के लिए पहल की जाएगी।”
ओला, उबर और रैपिडो के एकाधिकार को चुनौती
निजी एग्रीगेटर्स को लंबे समय से ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ये कंपनियां ड्राइवरों से 25% से 30% तक कमीशन लेती हैं, जिससे उनकी आय पर असर पड़ता है। वहीं यात्रियों को ‘सरज प्राइसिंग’ के कारण अधिक किराया देना पड़ता है।
विशेष रूप से हवाई अड्डों जैसे स्थानों पर निजी कैब सेवाओं के ऊंचे किराए आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं, जहां मांग बढ़ते ही कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं।
‘भारत टैक्सी’ ऐप इन समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह मॉडल ड्राइवरों को सशक्त बनाते हुए यात्रियों को उचित और पारदर्शी किराया उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। यह पहल शहरी परिवहन व्यवस्था में सुधार लाने के साथ-साथ डिजिटल सहकारी मॉडल को भी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

admin 




