दिगंबर जैन मंदिर फाफाडीह में हुआ सिद्ध चक्र विधान

दिगंबर जैन मंदिर फाफाडीह में हुआ सिद्ध चक्र विधान

रायपुर। दिगम्बर जैन मंदिर सन्मति नगर, फाफाडीह में 108 सुयश सागर महाराज एवं मुनि कोशल्य सागर महाराज की पावन निश्रा में अनंतानंत सिद्ध भगवन्तों की आराधना " श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान " के माध्यम से की गई। आठ दिवसीय विधान के अंतिम दिन श्रीजी को 1008 अर्घ समर्पित किए गए। तत् पश्चात श्रीजी को पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण हेतु शोभायात्रा निकाली गई। 

जानकारी देते हुए श्री दिगम्बर जैन खंडेलवाल मंदिर सन्मति नगर फाफाडीह के अध्यक्ष अरविंद बड़जात्या ने दी।

बड़जात्या ने आगे बताया कि प्रातः 7: 30 बजे से वृहद अभिषेक , महा शांतिधारा मुनि द्वय के मुखाग्रवृंद से संपन्न हुई तत् पश्चात मुनि सुयश सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि जिनके चक्कर सफेद, काले कोट एवं पीली वर्दी वालों के यहां लग रहे है या फिर 84 लाख योनियों में भटकने का डर सताता है यहां आकर श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के मांडने के चक्कर ( परिक्रमा ) लगाना चाहिए अनंतानंत सिद्धों की अनुकम्पा से तुम्हारे सारे चक्कर बंद हो जाएंगे और तुम सिद्ध हो कर ऐसे स्थान पर विराज जाओगे जहां कोई चक्कर भटकाव अथवा दुःख दर्द नहीं होगा।

प्रवचन के पश्चात विश्व शांति हेतु महायज्ञ किया गया ।आठ दिवसीय उक्त विधान में ब्रह्मचारी पवन भैया, पंडित अजीत शास्त्री एवं पंडित नितिन जैन का निर्देशन व विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। उपरोक्त जानकारी पंचायत के प्रचार सचिव अतुल गोधा ने दी।