राजिम कुंभ कल्प : महाशिवरात्रि पर निकली नागा साधुओं सहित विभिन्न अखाड़ों की भव्य शोभायात्रा

राजिम कुंभ कल्प : महाशिवरात्रि पर निकली नागा साधुओं सहित विभिन्न अखाड़ों की भव्य शोभायात्रा

शाही स्नान पर त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब

राजिम। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य समापन आज शाम होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि होंगे। आज सुबह विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे संत,महंत, महामंडलेश्वर, नागा साधु एवं दंडी संत पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर प्रातः 7 बजे से शोभायात्रा पर निकले। यह शोभायात्रा नवापारा और राजिम शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए त्रिवेणी संगम पहुंची।

शोभायात्रा के महानदी आरती स्थल पहुंचने पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सभी साधु भगवंतों को नमन कर स्वागत किया। मंत्री अग्रवाल शोभायात्रा में शामिल होकर शाही स्नान घाट पहुंचे। यहां कुंड तट पर नदी की बालू से निर्मित शिवलिंग की विधिवत पूजा की गई। विधिविधान से पूजन के पश्चात नागा साधु भगवंतों ने स्नान किया। इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्नान कर पुण्य लाभ लिया। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य आयोजन हुआ। राजिम कुंभ कल्प की गूंज सात समंदर पार तक गई। हमारे साथ विदेशी मेहमानों ने राजिम कुंभ कल्प में पुण्य लाभ कमाया। आज शाम भव्य समापन समारोह होगा। 

ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच नागा साधु अपने पारंपरिक शौर्य करतब प्रस्तुत दिखाया। रथ, घोड़े और पैदल चल रहे संतों की अलौकिक छटा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही।

महाशिवरात्रि स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ शनिवार दोपहर से ही देखने को मिली। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शनिवार को मीना बाजार, भगवान राजीव लोचन, कुलेश्वर नाथ मंदिर, नदी क्षेत्र में देखने को मिली। मेले के 14वें दिन अलग ही रौनक देखने को मिली।  

नागा साधुओं की पहली डुबकी

शाही स्नान के लिए नदी क्षेत्र में विशेष कुंड तैयार किया गया था। इन कुंडों में एक ओर से स्वच्छ जल का आगमन और दूसरी ओर से निर्गम की व्यवस्था थी। इससे जल की निरंतर स्वच्छता बनी रहे। सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। शाही स्नान में सर्वप्रथम नागा साधु डुबकी लगाए। इसके बाद अन्य संत-महंत स्नान किए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।। संतों द्वारा स्नान के समय प्रसाद स्वरूप पुष्पों की वर्षा की गई, जिन्हें प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला है। शाही स्नान का दृश्य देखने के लिए ही हजारों श्रद्धालु संगम तट पर एकत्र होते हैं।

संगम घाट पर स्वच्छता और व्यवस्थाएं

त्रिवेणी संगम स्नान घाट की स्वच्छता विशेष रूप से बनाए रखी गई है। घाट पर रेत की बोरियां डालकर सुरक्षित नीचे उतरने की व्यवस्था की गई है। त्रिवेणी संगम के अलग-अलग घाट में हजारों श्रद्धालु एक साथ स्नान कर सकेंगे। स्नान उपरांत दीपदान एवं रेत से शिवलिंग निर्माण कर पूजन-अर्चन की परंपरा निभाई जाएगी। श्रद्धालु धतूरा, बिल्वपत्र, दूध, दही, घी, शक्कर, सुगंधित तेल, शमी पत्र, केसरिया एवं कनेर अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करेंगे।

कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष श्रृंगार

महाशिवरात्रि पर कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष श्रृंगार किया गया। रात से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। लंबी कतार देखी गई। पट खुलते ही पूजन-अभिषेक और भोग अर्पण किया गया। इसके पश्चात दर्शन के लिए मंदिर खुला रहा। मंदिर परिसर में सुगम दर्शन हेतु बैरिकेडिंग की गई है। गर्भगृह में विराजमान शिवलिंग एवं वेदी पर स्थापित माता पार्वती की विधिवत पूजा की गई। मंदिर के चारों ओर चबूतरे पर भी श्रद्धालु अपनी आस्था समर्पित करते हैं।