चेतन भारती के 80वें जन्मदिन पर वक्ता मंच की काव्य गोष्ठी

चेतन भारती के 80वें जन्मदिन पर वक्ता मंच की काव्य गोष्ठी

“अश्क भूखे बच्चों के जब देखे न गए,
मां आबरू के बदले ले आई रोटियां” - एस. एन. जोशी

रायपुर। छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा के वरिष्ठ कवि चेतन भारती के 80वें जन्मदिन के अवसर पर प्रतिष्ठित संस्था वक्ता मंच द्वारा अभिनंदन समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर समाज भवन में संपन्न इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यिक जगत से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जन्मदिन मनाया और चेतन भारती के दीर्घायु एवं सक्रिय जीवन की कामना की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार डॉ. दीनदयाल साहू रहे, जबकि अध्यक्षता जानी-मानी कवयित्री सीमा पांडेय ने की। न्यूज पोर्टल से जुड़े पत्रकार मुकेश टिकरिहा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते तथा संयोजन शुभम साहू द्वारा किया गया।

काव्य गोष्ठी की प्रमुख प्रस्तुतियां इस प्रकार रहीं:

एस. एन. जोशी:
इंसान ने डकार ली इंसान की बोटियां
जब-जब भी ना मिली उसे दो वक्त की रोटियां
अश्क भूखे बच्चों के जब देखे न गए
मां आबरू के बदले में ले आई रोटियां

सीमा पांडेय “सीमा”:
जिंदगी की हकीकत समझनी है गर
खुद को आईना पहले दिखाया करो
कल की फिक्र में आज अपना खोना नहीं
मुस्कुरा कर ही लम्हे बिताया करो

यशवंत यदु “यश”:
मैं भी ईद में ईदी लेकर आया हूं
अम्मी तेरे हाथ न जले, चिमटा खरीद लाया हूं

राजाराम रसिक:
पग-पग, धीरे-धीरे
क्षितिज के पार
अंतिम छोर तले
तुम मिलो, उस ओर चले

वीरेंद्र धृतलहरे:
चलना शुरू करो तो
रुकावटें आएंगी ही
तुम धीरज बनाए रखना
हरी बत्ती स्वतः जल जाएगी ही

बलजीत कौर:
उम्र की शाम
हौले-हौले मुस्कुराए
गहराए और
सुनहरी सिंदूरी हो जाए

मो. हुसैन:
आओ मिल-जुल के उतारे आरती
जन्मदिन मुबारक चेतन भारती
तुम्हीं सृजन के सच्चे सारथी
जन्मदिन मुबारक चेतन भारती

काव्य गोष्ठी में चेतन भारती, डॉ. दीनदयाल साहू, सीमा पांडेय, कुमार जगदली, मुकेश टिकरिहा, ज्योति शुक्ला, हरिशंकर सोनी, यशवंत यदु, वीरेंद्र धृतलहरे, राजाराम रसिक, मन्नूलाल यदु, जे. एस. उरकुरकर, मोहम्मद हुसैन, सुषमा पटेल, राजेंद्र रायपुरी, राजेश पराते, शुभम साहू, कल्याणी तिवारी, महेश्वरी पांडेय, डॉ. सरोज साव, एस. एन. जोशी, तामेश्वर साहू, यश साहू, प्रमदा ठाकुर, छबिलाल सोनी, नरेंद्र कुमार साहू, अमित कुमार साहू, उदयराम साहू, देव मानिकपुरी, वीरेंद्र शर्मा, डॉ. इंद्रदेव यदु, सिंधु झा, सफदर अली, बलजीत कौर, जितेंद्र नेताम, अरविंद राव सहित कुल 36 कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम के अंत में चेतन भारती का 80वें जन्मदिन पर भव्य अभिनंदन किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न पड़ावों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका लेखन निरंतर जारी रहेगा। उपस्थित साहित्यकारों ने उनके शतायु होने की कामना की।

कार्यक्रम का समापन संयोजक शुभम साहू द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।