सड़क हादसे का ऐसा मंजर, पति-पत्नी की साथ में अंतिम यात्रा देख रो पड़ा नगर

सड़क हादसे का ऐसा मंजर, पति-पत्नी की साथ में अंतिम यात्रा देख रो पड़ा नगर

रविवार रात रायपुर में सड़क हादसे में पति-पत्नी सहित कार चालक की हुई थी दर्दनाक मौत

तिल्दा-नेवरा। वार्ड 12 बाजार चौक निवासी 66 वर्षीय किराना व्यापारी राजकुमार शर्मा और उनकी पत्नी 63 वर्षीय पद्मा शर्मा का सोमवार को नेवरा मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार किया गया। बीती रात रायपुर में हुए सड़क हादसे में दोनों की मौत हो गई थी। पति-पत्नी की एक साथ उठी अर्थी ने पूरे शहर को भावुक कर दिया।

सुबह से ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। नगर सहित आसपास के गांवों से हजारों लोग पहुंचे। जब दोनों की अर्थी एक साथ घर से निकली तो माहौल गमगीन हो गया। परिजन बदहवास थे, वहीं मौजूद लोग उन्हें ढांढस बंधाते नजर आए। मुक्ति धाम तक की यात्रा में हर आंख नम थी।

विधानसभा रोड पर हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार दंपती इलाज के सिलसिले में रायपुर गए थे। कुछ समय पूर्व राजकुमार शर्मा की बायपास सर्जरी हुई थी और जांच के लिए दोनों अस्पताल पहुंचे थे। रात में लौटते समय विधानसभा रोड पर डीपीएस स्कूल के पास धान से भरी ट्रक कार के ऊपर पलट गई। ट्रक की बोरियों के नीचे कार पूरी तरह दब गई। हादसे में कार चालक प्रवीण साहू की भी मौके पर मौत हो गई। राहगीरों और पुलिस की मदद से करीब 2 से 3 घंटे की मशक्कत के बाद जाम क्लियर कर शवों को बाहर निकाला गया।
परिजनों के मुताबिक, रायपुर से निकलते समय पद्मा शर्मा ने अपनी भतीजी से घर पहुंचकर दलिया बनाने की बात कही थी, लेकिन कुछ ही देर बाद यह हादसा हो गया।

ओवरलोडिंग की आशंका, ड्राइवर फरार

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक तेज रफ्तार में थी और संभवत: ओवरलोड होने के कारण ब्रेकर पर झटका सहन नहीं कर पाई। वाहन का पार्ट टूटने से ट्रक एक ओर झुककर पलट गई।

विधानसभा थाना प्रभारी शिवेंद्र
राजपूत ने बताया कि ट्रक के पट्टा (पार्ट) टूटने से हादसा हुआ है। ओवरलोडिंग की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक का बड़ा बेटा पुणे में नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा मनीष शर्मा स्थानीय स्तर पर प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करता है और राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़ा है। घटना के बाद से बाजार पारा सहित पूरे तिल्दा-नेवरा शहर में शोक का माहौल है।
अचानक हुई इस त्रासदी ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ ने दंपती के प्रति लोगों के स्नेह और सम्मान को दर्शाया।