पंचांग 2 अप्रैल: हनुमान जयंती पर 'हस्त नक्षत्र' का शुभ संयोग; जानें आज के कल्याणकारी मुहूर्त, भद्रा और राहुकाल
नई दिल्ली : आज 2 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। आज का दिन पूरे भारत में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है क्योंकि आज 'हनुमान जन्मोत्सव' (हनुमान जयंती) का महापर्व है। गुरुवार का दिन होने और पूर्णिमा की तिथि होने के कारण आज भगवान विष्णु और संकटमोचन हनुमान जी की पूजा का दुर्लभ संयोग बना है।
पंचांग की गणना के अनुसार आज के सूर्योदय, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति का विवरण इस प्रकार है:
आज का पंचांग: मुख्य विवरण (2 अप्रैल 2026)
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तिथि: पूर्णिमा - दोपहर 12:51 PM तक, उसके बाद वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ।
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दिन: गुरुवार (Thursday)
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मास: चैत्र (पूर्णिमांत), वैशाख (अमांत) - विक्रम संवत 2083
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नक्षत्र: हस्त - सुबह 10:28 AM तक, उसके बाद चित्रा नक्षत्र।
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करण: बव - दोपहर 12:51 PM तक, उसके बाद बालव करण।
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योग: ध्रुव - सुबह 07:34 AM तक, उसके बाद व्याघात योग।
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पक्ष: शुक्ल पक्ष (दोपहर तक), फिर कृष्ण पक्ष।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति
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सूर्योदय: सुबह 06:11 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:39 PM
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चन्द्रोदय: शाम 07:34 PM
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चन्द्रास्त: सुबह 06:21 AM (3 अप्रैल)
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चंद्र राशि: कन्या राशि में रात 09:37 PM तक, उसके बाद तुला राशि में प्रवेश।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
हनुमान जयंती पर पूजन और नए कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 PM से 12:50 PM तक। (सबसे शुभ मुहूर्त)
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:19 PM तक।
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अमृत काल: रात 03:59 AM (3 अप्रैल) से सुबह 05:33 AM तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:37 AM से 05:24 AM तक।
अशुभ समय: राहुकाल और भद्रा (Inauspicious Timings)
इन समयों में शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 01:58 PM से 03:32 PM तक।
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यमगण्ड: सुबह 06:11 AM से 07:44 AM तक।
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गुलिक काल: सुबह 09:18 AM से 10:51 AM तक।
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भद्रा: आज सुबह 02:40 AM पर भद्रा समाप्त हो चुकी है, अतः आज दिन भर भद्रा का दोष नहीं है।
हनुमान जयंती विशेष: गजकेसरी और गुरु-पुष्य का प्रभाव
आज चंद्रमा कन्या राशि में है और गुरु (बृहस्पति) का विशेष प्रभाव बना हुआ है। ज्योतिषियों के अनुसार, हनुमान जयंती पर हस्त नक्षत्र का होना अत्यंत शुभ है क्योंकि हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और देवता 'सविता' (सूर्य) हैं। हनुमान जी सूर्य देव के शिष्य हैं, इसलिए आज की गई पूजा से सूर्य और चंद्रमा दोनों के दोष दूर होते हैं।
आज का विशेष उपाय
चूँकि आज हनुमान जयंती और गुरुवार का संगम है, इसलिए आज हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
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मंत्र: "ॐ नमो भगवते रामदूताय" या "ॐ हं हनुमते नमः" का 108 बार जाप करें।
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दान: आज चने की दाल और गुड़ का दान करना दरिद्रता का नाश करता है।
नोट: स्थान के आधार पर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। किसी भी विशेष अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान से परामर्श लें।

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