आज हम कह सकते हैं, देश नक्सलमुक्त हुआ: अमित शाह

आज हम कह सकते हैं, देश नक्सलमुक्त हुआ: अमित शाह
अब लाल नहीं आखिरी सलाम (लीड)
नई दिल्ली /रायपुर (चैनल इंडिया)। लाल सलाम को खत्म करके भारत सरकार ने आखिरकार नक्सलवाद को आखिरी सलाम कर दिया। सोमवार को  लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज हम कह सकते हैं कि देश नक्सल मुक्त हो गया है। भारत सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित कर रखी थी, उसी के अनुरूप आज भारत सरकार ने ऐलान कर दिया कि पूरा देश अब लाल आतंक से मुक्त हो चुका है। 
लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के ज्यादातर राज्य साल 2024 में ही नक्सलमुक्त हो गए लेकिन छत्तीसगढ़ में साल 2018 से लेकर दिसंबर 2023 तक सत्ता में रही कांग्रेस सरकार के असहयोगात्मक रवैये के कारण बस्तर इलाके में लाल आतंक की परछाई बनी रही। इसके साथ ही उन्होंने अब तक चले एंटी नक्सल आपरेशनों की जानकारी दी। उन्होंने डीआरजी, छत्तीसगढ़ पुलिस और कोबरा बटालियन के जवानों के अथक परिश्रम और साहस को सैल्यूट करते हुए कहा कि इन जवानों ने विपरीत परिस्थितयों में भी नक्सलियों का डटकर मुकाबला किया और उन्हें घुटनों पर ला दिया। 
अमित शाह ने कहा कि, हथियार उठाने वाले किसी भी समूह को संविधान की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।  ये जो हथियारी मूवमेंट के लोग हैं, कहते हैं हमारे साथ अन्याय हो रहा है। अन्याय हो रहा है तो उसके लिए व्यवस्थाएं और अदालतें बनी हैं। लेकिन हथियार उठाओगे और संविधान को नहीं मानोगे, ऐसा नहीं चलेगा। जो भी ऐसा करेगा उसका यही अंजाम होगा।  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों और प्रशासन की गतिविधियों के माध्यम से हिंसा को नियंत्रित किया जा रहा है और साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाई जा रही है। विकास और सुरक्षा में सामंजस्य बनाकर बस्तर को पहले से अधिक समृद्ध और सुरक्षित बनाया जाएगा। बस्तर के लोग वर्षों से उपेक्षा और हिंसा का सामना कर रहे थे, लेकिन अब सरकार ने उनके कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
भूपेश बघेल को पूछो, प्रूफ  दूं क्या...
अमित शाह ने छततीसगढ़ में पांच साल कांग्रेस सरकार के दौरान सहयोग नहीं मिलने की बात कही तब विपक्षी सांसदों ने टोका, इस पर आक्रामक तेवर दिखाते हुए उन्होंने कहा कि मुझे किसी व्यक्ति को सामने नहीं करना है। वरना भूपेश बघेल को पूछो प्रूफ दूं क्या यहां पर। हां बोलें तो बोलो, वरना फंस जाओगे।
हथियार उठाकर सरकार के खिलाफ जाने वालों नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि, बस्तर में विकास न पहुँच पाने के कारण वहां के युवाओं को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर के आदिवासी क्षेत्र की जमीन और संसाधनों तक विकास के लाभ नहीं पहुंच पाए। आज भी बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य चल रहे हैं और सरकार इसका पूरा ध्यान रख रही है। हथियार उठाकर शासन के खिलाफ जाने वालों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आदिवासियों और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे संविधान और लोकतंत्र की प्रक्रिया के माध्यम से ही अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढ़ें। विकास और सुरक्षा दोनों को संतुलित करना आवश्यक है।