"औद्योगिक क्रांति का संकल्प" उद्योग जगत ने बजट का किया स्वागत किया : निकेश बरड़िया
23 नए इंडस्ट्रियल पार्क और एमएसएमई पर फोकस सराहनीय
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए गए 'संकल्प' बजट पर प्रदेश के व्यापार एवं उद्योग जगत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया ने बजट को "दूरदर्शी और उद्योग-हितैषी" बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा।।
बरड़िया ने सर्वोपरि घोषणा, 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना को "गेम-चेंजर" करार दिया। उन्होंने कहा, "वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा 250 करोड़ रुपए के प्रावधान से 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने की घोषणा, छत्तीसगढ़ को 'औद्योगिक क्रांति' की ओर ले जाने वाला सबसे बड़ा कदम है। इससे न केवल एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में भी संतुलित विकास होगा।"
चेंबर ऑफ कॉमर्स के कोषाध्यक्ष ने आग्रह किया कि सरकार इन औद्योगिक पार्कों को विकसित करते समय 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' (पीपीपी) मॉडल को भी बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि SANKALP थीम के तहत 'N' (निवेश) और 'L' (लाइवलीहुड/आजीविका) को साधने की सरकार की मंशा स्पष्ट है, जो उद्योग जगत के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने सरकार से सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने और नई उद्योग नीति के क्रियान्वयन में तेजी लाने की भी मांग की।
निकेश बरड़िया ने विश्वास जताया कि "जीएसडीपी में 11.57 प्रतिशत की वृद्धि के अनुमान और इस 'संकल्प' बजट के प्रावधानों से छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश की टॉप इकोनॉमी में शामिल होगा।"
निकेश बरड़िया ने बजट के विभिन्न पहलुओं पर दी प्रतिक्रिया
एमएसएमई पर फोकस आधुनिक सुविधाओं (सड़क, बिजली, पानी, लॉजिस्टिक्स) से लैस औद्योगिक पार्कों की स्थापना से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों को एक मंच मिलेगा, जिससे उनकी उत्पादन लागत कम होगी और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
नगरीय विकास के लिए 750 करोड़ और मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 200 करोड़ के प्रावधान से राज्य में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा, जो उद्योगों की रीढ़ है।
व्यापारियों के हित रायपुर में खाद लैब बनने से कृषि व्यापार को सुविधा होगी। उन्होंने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के लिए 10 करोड़ के प्रावधान को भी आधुनिक व्यापार की जरूरत बताया।
शिक्षा और कौशल दो नई एजुकेशन सिटी (अबूझमाड़ और जगरगुंडा) बनाने से उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन (स्किल्ड मैनपावर) तैयार होगा।

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