पंचांग 12 फरवरी : गुरुवार को दशमी तिथि का संयोग, जानें पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त और राहुकाल का समय

पंचांग 12 फरवरी : गुरुवार को दशमी तिथि का संयोग, जानें पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त और राहुकाल का समय

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, कल यानी 12 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। गुरुवार का दिन होने के कारण कल का पंचांग विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो शिक्षा, ज्ञान और धन प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। कल चंद्रमा वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे।

आज की तिथि और नक्षत्र (Panchang Details)

  • तिथि: दशमी (फाल्गुन, कृष्ण पक्ष)। यह तिथि दोपहर तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का प्रारंभ होगा।

  • नक्षत्र: कल ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा, जो दोपहर बाद मूल नक्षत्र में परिवर्तित हो जाएगा। ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी 'बुध' हैं, जबकि मूल नक्षत्र के स्वामी 'केतु' माने जाते हैं।

  • योग: कल हर्षण योग रहेगा, जो सुख-समृद्धि और प्रसन्नता देने वाला माना जाता है।

  • करण: विष्टि और बव।

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: सुबह 07:01 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 06:09 बजे

  • चन्द्रोदय: रात 02:35 बजे (13 फरवरी की रात)

  • चन्द्रास्त: दोपहर 12:44 बजे

  • चंद्र राशि: चंद्रमा कल दोपहर तक वृश्चिक राशि में रहेंगे, उसके बाद धनु राशि में गोचर करेंगे।

कल के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

कल गुरुवार के दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत या महत्वपूर्ण सौदों के लिए निम्नलिखित समय श्रेष्ठ हैं:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है)।

  • अमृत काल: सुबह 06:14 बजे से 07:49 बजे तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:20 बजे से 06:10 बजे तक।

सावधान: अशुभ समय (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं:

  • राहुकाल: दोपहर 01:59 बजे से दोपहर 03:22 बजे तक।

  • यमगण्ड: सुबह 07:01 बजे से 08:25 बजे तक।

  • गुलिक काल: सुबह 09:48 बजे से 11:11 बजे तक।

आज का विशेष उपाय और दिशाशूल

  • दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से दही या जीरा खाकर निकलें।

  • गुरुवार विशेष उपाय: कल भगवान विष्णु को पीले फूल और चने की दाल का भोग लगाएं। माथे पर हल्दी का तिलक लगाना सौभाग्य में वृद्धि करेगा।

पंचांग सारांश तालिका:

| मद | विवरण |

| :--- | :--- |

| विक्रम संवत | 2082 (नल) |

| मास | फाल्गुन |

| पक्ष | कृष्ण पक्ष |

| दिन | गुरुवार |

| विशेष | दशमी तिथि |