पंचांग 26 फरवरी : गुरुवार को पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग; जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा की स्थिति
नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, तिथि, नक्षत्र और वार के मेल से हर दिन की अपनी एक विशेष ऊर्जा होती है। आज 26 फरवरी 2026, गुरुवार है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। आज के पंचांग में विशेष बात यह है कि आज चंद्रमा अपनी प्रिय राशि और शुभ नक्षत्र में संचार करेंगे, जो कई कार्यों के लिए फलदायी माना जाता है।
आइए जानते हैं आज के ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और शुभ-अशुभ समय:
आज का पंचांग विवरण (26 February 2026)
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तिथि: फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि (आज नवमी तिथि का प्रभाव रहेगा)।
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वार: गुरुवार (भगवान विष्णु का दिन)।
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संवत्: विक्रम संवत् 2082।
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नक्षत्र: आज पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। (पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा माना जाता है और यह खरीदारी व नई शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ है)।
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योग: आज प्रीति योग रहेगा, जो संबंधों में मधुरता लाता है।
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करण: कौलव और तैतिल।
सूर्य और चंद्रोदय का समय
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सूर्योदय: सुबह 06:48 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:19 PM
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चंद्रोदय: दोपहर 12:22 PM
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चंद्रास्त: रात 03:00 AM (27 फरवरी)
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चंद्र राशि: कर्क (चंद्रमा आज स्वराशि कर्क में विराजमान रहेंगे, जिससे मन शांत और प्रसन्न रहेगा)।
शुभ और अशुभ मुहूर्त (Auspicious & Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल में शुभ कार्य शुरू नहीं करने चाहिए, जबकि अभिजीत मुहूर्त सफलता सुनिश्चित करता है।
| मुहूर्त प्रकार | समय |
| अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ) | दोपहर 12:12 PM से 12:57 PM तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:29 PM से 03:15 PM तक |
| अमृत काल | रात 09:10 PM से 10:55 PM तक |
| राहुकाल (अशुभ समय) | दोपहर 01:59 PM से 03:26 PM तक |
| यमगण्ड | सुबह 06:48 AM से 08:14 AM तक |
| गुलिक काल | सुबह 09:40 AM से 11:07 AM तक |
आज का विशेष महत्व
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गुरु-पुष्य संयोग: गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का होना बहुत ही दुर्लभ और शुभ माना जाता है। इसे 'गुरु-पुष्य योग' के समान फलदायी माना जाता है। आज सोना, कीमती सामान या नया वाहन खरीदना बहुत लाभकारी होगा।
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विष्णु पूजा: आज भगवान विष्णु को पीले फूल और चने की दाल का भोग लगाना चाहिए।
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शुक्ल पक्ष नवमी: आज के दिन मां दुर्गा की उपासना करना भी विशेष फलदायी होता है।
आज का उपाय
आज के दिन माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

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