पंचांग 26 जनवरी 2026: गणतंत्र दिवस पर 'भीष्म अष्टमी' का पुण्य संयोग; जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह नक्षत्र
नई दिल्ली/रायपुर। आज सोमवार, 26 जनवरी 2026 को पूरा भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। आध्यात्मिक दृष्टि से भी आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे 'भीष्म अष्टमी' के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन दान-पुण्य और पितृ तर्पण का विशेष विधान है।
आइए जानते हैं आज के पंचांग के अनुसार ग्रहों की चाल और शुभ-अशुभ समय:
आज का पंचांग (26 जनवरी 2026)
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वार: सोमवार
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तिथि: अष्टमी (माघ, शुक्ल पक्ष)
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नक्षत्र: अश्विनी (पूरा दिन और रात)
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योग: शुभ योग (शाम तक, इसके बाद शुक्ल योग)
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करण: विष्टि (भद्रा) और बव
सूर्य और चंद्रमा का समय
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सूर्योदय: सुबह 07:12 बजे
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सूर्यास्त: शाम 05:56 बजे
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चंद्रोदय: सुबह 11:22 बजे
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चंद्रास्त: रात 01:21 बजे (27 जनवरी)
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज सोमवार और अष्टमी का संयोग शिव साधना के लिए उत्तम है। गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों के बीच इन मुहूर्तों का ध्यान रखें:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:56 बजे तक (किसी भी नए कार्य के लिए श्रेष्ठ समय)।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:22 बजे से 03:05 बजे तक।
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अमृत काल: शाम 05:40 बजे से 07:15 बजे तक।
अशुभ समय (राहुकाल)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है:
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राहुकाल: सुबह 08:32 बजे से 09:52 बजे तक।
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यमगण्ड: सुबह 11:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक।
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भद्रा: सुबह 07:12 बजे से सुबह 09:10 बजे तक (भद्रा के दौरान मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं)।
आज की ग्रह स्थिति
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चन्द्र राशि: चंद्रमा आज पूरे दिन मेष राशि में संचरण करेंगे।
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सूर्य राशि: सूर्य देव मकर राशि (उत्तरायण) में विराजमान हैं।
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दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करना वर्जित माना गया है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो दर्पण देखकर या दूध पीकर घर से निकलें।
आज का विशेष महत्व: भीष्म अष्टमी
आज के ही दिन महाभारत के पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर अपनी देह का त्याग किया था। आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान और पितरों के निमित्त तर्पण करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है।
आज का विशेष मंत्र: ॐ नमः शिवाय।

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