स्वाद के चक्कर में कहीं सेहत न बिगड़ जाए! ज्यादा नॉनवेज खाने से बढ़ सकता है कैंसर और हार्ट डिजीज का खतरा, जानें एक्सपर्ट्स की राय
नई दिल्ली। मांसाहार (Non-Veg) प्रोटीन और विटामिन B12 का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है, लेकिन किसी भी चीज़ की अति नुकसानदेह होती है। हालिया स्वास्थ्य रिपोर्टों और विशेषज्ञों के अनुसार, आहार में मांस की अत्यधिक मात्रा शामिल करना शरीर के लिए 'स्लो पॉइजन' साबित हो सकता है। स्वाद के शौकीन लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि जरूरत से ज्यादा नॉनवेज का सेवन उन्हें गंभीर बीमारियों के दरवाजे तक ले जा सकता है।
आइए जानते हैं कि अत्यधिक नॉनवेज खाने से शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं:
1. हृदय रोगों का बढ़ता जोखिम
रेड मीट (जैसे मटन या बीफ) में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके अधिक सेवन से नसों में ब्लॉकेज की समस्या पैदा हो सकती है, जो सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देती है।
2. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की आशंका
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट और रेड मीट का अधिक सेवन कोलन कैंसर (पेट का कैंसर) के जोखिम को बढ़ा सकता है। मांस को उच्च तापमान पर पकाने से निकलने वाले कुछ तत्व शरीर के सेल्स को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
3. गाउट (यूरिक एसिड) की समस्या
नॉनवेज में प्यूरीन (Purine) नाम का तत्व अधिक होता है, जो शरीर में टूटने के बाद यूरिक एसिड बनाता है। जब यूरिक एसिड शरीर से बाहर नहीं निकल पाता, तो यह जोड़ों में जमा होने लगता है, जिससे गाउट (Gout) की समस्या हो जाती है और जोड़ों में असहनीय दर्द होता है।
4. पाचन तंत्र पर बुरा असर
पौधों से मिलने वाले भोजन की तुलना में मांस में फाइबर बिल्कुल नहीं होता। फाइबर की कमी के कारण पाचन धीमा हो जाता है, जिससे कब्ज (Constipation), गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक ऐसा होने से आंतों की सेहत बिगड़ सकती है।
5. वजन बढ़ना और मोटापा
नॉनवेज फूड, खासकर अगर वह फ्राइड या मसालेदार है, तो उसमें कैलोरी बहुत ज्यादा होती है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर का वजन तेजी से बढ़ता है, जो टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता है।
बचाव के लिए क्या करें? (Expert Tips)
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मात्रा सीमित करें: हफ्ते में 2-3 बार से ज्यादा नॉनवेज खाने से बचें।
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सब्जियों को दें तरजीह: अपनी थाली में 70% हिस्सा सलाद और सब्जियों का रखें और सिर्फ 30% हिस्सा ही नॉनवेज रखें।
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कुकिंग मेथड बदलें: डीप फ्राई करने के बजाय ग्रिल्ड, उबला हुआ या कम तेल में पका हुआ मांस खाएं।
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प्रोसेस्ड मीट से दूरी: सॉसेज, सलामी या पैकेट बंद मीट खाने से बचें क्योंकि इनमें प्रिजर्वेटिव्स और नमक बहुत ज्यादा होता है।

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