ऊर्जा राजधानी बनने की ओर छत्तीसगढ़: 32,100 मेगावाट नई क्षमता के लिए 3.4 लाख करोड़ के एमओयू
रायपुर। ऊर्जा और क्रेडा विभाग के सचिव डॉक्टर रोहित यादव ने आज पत्रकारों से राज्य शासन की दो वर्ष की उपलब्धियों और आगामी 3 वर्ष की कार्ययोजना के सम्बंध में चर्चा की। उन्होंने कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता को दोगुना से अधिक करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। राज्य में पारंपरिक और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के संतुलित विकास के साथ आने वाले वर्षों में 32,100 मेगावाट नई क्षमता स्थापित करने की कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए करीब 3.4 लाख करोड़ रुपए के निवेश संबंधी एमओयू किए गए हैं।
वर्तमान क्षमता: 30,671 मेगावाट
वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश में कुल 30,671.7 मेगावाट स्थापित क्षमता है।
28,824 मेगावाट ताप विद्युत
220 मेगावाट जल विद्युत
2,047 मेगावाट सौर, बायोमास व अन्य स्रोत
ताप बिजलीघरों में राज्य उत्पादन कंपनी की हिस्सेदारी 2,840 मेगावाट है, जबकि एनटीपीसी व निजी क्षेत्र की 20,299 मेगावाट और कैप्टिव पावर प्लांट की 5,266 मेगावाट क्षमता है।
2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा का राष्ट्रीय लक्ष्य
भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने और 50% ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करने का लक्ष्य रखा है। कार्बन उत्सर्जन में कमी और नेट-जीरो लक्ष्य को देखते हुए ताप विद्युत पर निर्भरता घटाने की दिशा में राज्यों को भी कदम बढ़ाने होंगे।

पंप स्टोरेज नीति 2023 लागू
बड़े बांधों की जटिलताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने “पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजना नीति 2023” लागू की है। इसके तहत राज्य की नोडल एजेंसी सीएसपीजीसीएल ने 8,300 मेगावाट क्षमता के 6 स्थलों की पहचान की है। इनमें से 5 की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर बनाने का कार्य जारी है। निजी क्षेत्र में भी करीब 5,000 मेगावाट क्षमता पर काम चल रहा है।
एनटीपीसी ग्रीन के साथ संयुक्त उपक्रम
करीब 2,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए NTPC Green Energy Limited और राज्य उत्पादन कंपनी के बीच संयुक्त उपक्रम गठित किया गया है। इसके तहत—
अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर (बैटरी स्टोरेज सहित)
कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर परियोजना
500 मेगावाट-घंटा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना का प्रस्ताव
32,100 मेगावाट की नई परियोजनाएं
प्रस्तावित नई क्षमता में—
12,100 मेगावाट ताप विद्युत
4,200 मेगावाट न्यूक्लियर
2,500 मेगावाट सौर (फ्लोटिंग सहित)
13,300 मेगावाट पंप स्टोरेज
इन परियोजनाओं में सतलुज जल विद्युत निगम, टिहरी जल विद्युत निगम, एनटीपीसी, राज्य उत्पादन कंपनी के साथ निजी कंपनियां जैसे Adani Group, Jindal Power एवं ReNew Power शामिल हैं।
कोरबा और मड़वा में सुपर क्रिटिकल यूनिट
कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत इकाइयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं मड़वा में 800 मेगावाट की नई सुपर क्रिटिकल यूनिट स्थापित करने की पहल की जा रही है।
संतुलित ऊर्जा मिश्रण पर जोर
राज्य सरकार का फोकस ताप, न्यूक्लियर, सौर और पंप स्टोरेज परियोजनाओं के संतुलित विकास पर है, ताकि बढ़ती मांग के बीच ग्रिड स्थिरता बनी रहे और छत्तीसगढ़ को देश की “ऊर्जा राजधानी” के रूप में स्थापित किया जा सके।

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